कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले के कुसमुंडा खदान में कोल सैंपलिंग का काम कर रही ठेका कंपनी के एक मजदूर की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर परिजनों और सहकर्मियों ने एसईसीएल के महाप्रबंधक कार्यालय के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रबंधन द्वारा तत्काल सहायता राशि और नौकरी का आश्वासन दिए जाने के बाद करीब ढाई घंटे बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
जानकारी के अनुसार कोल मंत्रालय की ओर से एसईसीएल की खदानों में कोयला सैंपलिंग का ठेका क्यूसीपीएल कंपनी को दिया गया है। क्यूसीपीएल ने यह कार्य पेटी ठेका पर गुजरात की कंपनी रवि एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (आरईपीएल) को सौंप रखा है। रवि एनर्जी वर्ष 2023 से कुसमुंडा खदान में काम कर रही है, जहां करीब 160 मजदूर कोल सैंपलिंग कार्य में लगे हुए हैं।
इन्हीं में शामिल जांजगीर-चांपा जिले के कठरा बुड़गहन निवासी कांशी दास महंत (34 वर्ष) कुसमुंडा थाना क्षेत्र के नरईबोध में पत्नी और बच्चों के साथ रहकर ठेका कंपनी में काम कर रहा था। मंगलवार रात वह नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर गया था। सुबह घर लौटने से पहले ही कार्यस्थल पर उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह गश खाकर गिर पड़ा।
सहकर्मी उसे तत्काल विकासनगर स्थित एसईसीएल डिस्पेंसरी लेकर पहुंचे, जहां से हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया गया। इसके बाद उसे कोसाबाड़ी स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मर्च्युरी भेजा गया।
मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर परिजन और सहकर्मी बड़ी संख्या में जमा हो गए। उन्होंने मौके पर पहुंचे ठेका कंपनी के कोऑर्डिनेटर से मुआवजा और नौकरी की मांग की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे मृतक का शव कुसमुंडा स्थित एसईसीएल के जीएम कार्यालय के सामने लाकर मुख्य द्वार पर रख दिया गया और प्रदर्शन शुरू कर दिया गया।
शव प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसईसीएल और ठेका कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा शुरू की। काफी समझाइश के बाद भी परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। अंततः प्रबंधन और ठेका कंपनी की ओर से तत्काल सहायता राशि देने और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद करीब ढाई घंटे बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
