बरबसपुर शराब दुकान विवाद: पूर्व मंत्री और आबकारी मंत्री आमने-सामने, दोनों के बयान आए सामने, देखें वीडियो….

By Atul Yadav - Editor
4 Min Read

कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  कोरबा जिले के बरबसपुर गांव में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विरोध तेज हो गया है। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं के लगातार धरने के बीच रविवार को पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल आंदोलन स्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने आबकारी विभाग के एक अधिकारी से फोन पर तीखी बातचीत करते हुए गांव की सहमति के बिना शराब दुकान नहीं खोलने की चेतावनी दी।

महिलाओं के विरोध ने रोका निरीक्षण

विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब रामपुर स्थित देसी शराब दुकान को बरबसपुर मुख्य मार्ग पर स्थानांतरित किए जाने की चर्चा सामने आई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं प्रस्तावित स्थल पर पहुंच गईं और धरना शुरू कर दिया। विरोध के कारण निरीक्षण के लिए पहुंची आबकारी विभाग की टीम को वापस लौटना पड़ा।

आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन

धरने में पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि गांव में शराब दुकान खुलने से सामाजिक माहौल प्रभावित होगा और लंबे समय से रामपुर स्थित दुकान को हटाने की मांग की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए सरकार से फैसला वापस लेने की अपील की।

जयसिंह अग्रवाल ने सरकार पर साधा निशाना

धरना स्थल से संबोधित करते हुए जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि जब पूरा गांव शराब दुकान का विरोध कर रहा है, तब प्रशासन को लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बरबसपुर में शराब दुकान नहीं खुलने दी जाएगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।

इसी दौरान उन्होंने आबकारी अधिकारी से फोन पर बातचीत कर गांव की जनता के सामने स्पष्ट आदेश जारी करने और लिखित रूप से यह बताने की मांग की कि बरबसपुर में शराब दुकान नहीं खोली जाएगी। बातचीत के दौरान उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली और राज्य सरकार की आबकारी नीति पर भी सवाल उठाए।

आबकारी मंत्री ने दी सफाई

मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रदेश के वाणिज्य एवं आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि बरबसपुर में शराब दुकान खोलने का अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया था। उनके अनुसार विभाग की टीम केवल संभावित स्थान का निरीक्षण करने गई थी।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि क्षेत्र के लोग शराब दुकान नहीं चाहते हैं, तो वहां दुकान नहीं खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार स्थानीय जनता की भावनाओं का सम्मान करेगी।

मकान मालिक ने भी किया इनकार

धरने के दौरान उस भवन के मालिक ने भी सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि वह अपने परिसर को शराब दुकान के लिए उपलब्ध नहीं कराएंगे। इससे आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का मनोबल और बढ़ गया।

आबकारी मंत्री के बयान के बाद फिलहाल बरबसपुर में शराब दुकान खोलने का मामला शांत होता नजर आ रहा है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि जब तक लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

Share This Article