कोरबा: 2 साल से फरार हत्या का आरोपी कोंडागांव से गिरफ्तार, शराब में जहर मिलाकर की थी युवक की हत्या

By Atul Yadav - Editor
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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  करीब दो वर्ष से हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी को थाना उरगा पुलिस ने कोंडागांव पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जितेंद्र मसीह को कोंडागांव से पकड़कर कोरबा लाया गया, जहां न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई जिले में चलाए जा रहे “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत की गई। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गंभीर अपराधों के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

शादी समारोह में रची गई थी हत्या की साजिश

मामला थाना उरगा में दर्ज अपराध क्रमांक 248/2024 से जुड़ा है। पुलिस जांच में सामने आया कि 16 फरवरी 2024 को एक शादी समारोह के दौरान विकास अग्रवाल की सुनियोजित साजिश के तहत हत्या की गई थी।

जांच में पता चला कि मृतक और मुख्य आरोपी वैभव भारती के बीच पुरानी रंजिश थी। इसी रंजिश के चलते वैभव ने अपने साथी जितेंद्र मसीह के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोपियों ने पहले विकास को अत्यधिक शराब पिलाई और फिर डिस्पोजेबल गिलास में शराब के साथ चूहा मारने की जहरीली दवा मिलाकर पिला दी। कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

लगातार बदल रहा था ठिकाना

घटना के बाद आरोपी जितेंद्र मसीह फरार हो गया था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। उरगा पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और संभावित ठिकानों पर लगातार नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान विश्वसनीय सूचना मिलने पर कोंडागांव पुलिस के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को कोंडागांव से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपी ने घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य पुलिस को बताए। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

दो साल पुराने हत्याकांड में मिली बड़ी सफलता

कोरबा पुलिस का कहना है कि लगभग दो वर्षों से लंबित इस चर्चित हत्याकांड में फरार आरोपी की गिरफ्तारी तकनीकी विश्लेषण, सतत निगरानी और अंतर-जिला समन्वय का परिणाम है। पुलिस ने कहा कि जिले में गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। 

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