कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में भर्ती टीबी मरीज के भोजन में बाल और लकड़ी का तिनका मिलने से हड़कंप मच गया। खाना गले में अटकने से मरीज की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उसकी जान बचाई।
यह घटना बालको परसाभांठा निवासी 42 वर्षीय राम प्रसाद धीवर के साथ हुई, जो पिछले तीन वर्षों से टीबी से पीड़ित हैं। गंभीर हालत के चलते उन्हें तीन महीने पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल के टीबी वार्ड में भर्ती किया गया था। परिजनों के अनुसार शनिवार दोपहर अस्पताल की ओर से दिया गया भोजन खाते समय अचानक राम प्रसाद का गला अटक गया और उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उनकी पत्नी राम कुमारी ने तुरंत खाना बाहर निकाला, जिसमें लंबे बाल और लकड़ी का तिनका पाया गया। इसके बाद मरीज को राहत मिली।
घटना की जानकारी तत्काल ड्यूटी पर मौजूद नर्स और अस्पताल स्टाफ को दी गई। राम कुमारी ने बताया कि यदि समय रहते भोजन बाहर नहीं निकाला जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पास के बिस्तर पर भर्ती मरीज के परिजन भी खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत कर रहे थे।
मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज के संयुक्त संचालक गोपाल कंवर ने कहा कि उन्हें अभी इसकी जानकारी नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के भोजन की जिम्मेदारी फिलिप्स नामक निजी कंपनी को सौंपी गई है, जो पिछले एक वर्ष से भोजन आपूर्ति का कार्य कर रही है। घटना के बाद ठेका कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
