कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा से एक भावुक मामला सामने आया है। आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए युवक अरुण उर्फ गोविंदा श्रीवास को जेल भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद उसकी मां का निधन हो गया। बस्तीवासियों की मांग और मानवीय आधार पर पहल के बाद कोर्ट से उसे पैरोल पर रिहा किया गया। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच गोविंदा अपनी मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ।

यह घटना सीतामणी वार्ड नंबर 10, शनि मंदिर के पास की है, जहां मां-बेटा साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि सावित्री पहले से बीमार थीं। मंगलवार शाम पुलिस ने गोविंदा को आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेजा था। बुधवार सुबह मां की मौत की खबर मिलते ही बस्ती में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में वार्डवासी और जनप्रतिनिधि गोविंदा के घर पहुंचे और उसे अंतिम संस्कार में शामिल कराने की मांग उठाई।
स्थानीय लोगों और वार्ड पार्षद ने सामूहिक रूप से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मानवीय आधार पर गोविंदा को पैरोल देने की गुहार लगाई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पहल की गई और कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद गोविंदा को पैरोल पर रिहा किया गया। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच वह मोती सागर स्थित मुक्तिधाम पहुंचा और अपनी मां की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ।
वार्ड के पूर्व पार्षद सुफल दास महंत ने घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य मार्ग पर खुलेआम शराब की बिक्री हो रही है जबकि कार्रवाई चुनिंदा लोगों पर की जा रही है। उन्होंने गोविंदा के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच की मांग भी उठाई है।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि गोविंदा के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34/2 के तहत विधिवत कार्रवाई की गई थी। परिजनों के अनुरोध और मानवीय पहलू को देखते हुए उसे अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जेल से लाया गया। सीएसपी के अनुसार हाल ही में सीतामणी क्षेत्र में हुई चाकूबाजी की घटना के बाद पुलिस नशे के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। उसी अभियान के तहत उस दिन तीन लोगों को आबकारी एक्ट के तहत जेल भेजा गया था।