कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा वनमंडल के पसरखेत रेंज अंतर्गत ग्राम छुईढोड़ा में एक विशालकाय किंग कोबरा के घर में घुस जाने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और वन्यजीव रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची तथा लगभग 11 फीट लंबे दुर्लभ विषैले सर्प का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया।
ग्रामीणों के अनुसार किंग कोबरा अचानक एक घर में घुस गया था। घर के अंदर मौजूद लोगों ने जैसे ही विशालकाय सांप को देखा, वे घबराकर बाहर निकल आए और तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञ रेस्क्यू दल ने गांव पहुंचकर अभियान शुरू किया।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण पांडे, मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर मनोज पाण्डेय तथा कोरबा वनमंडलाधिकारी प्रेमलता यादव के निर्देश एवं उप वनमंडलाधिकारी दक्षिण के मार्गदर्शन में रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित किया गया। वन्यजीव विशेषज्ञ जितेंद्र सारथी और सीनियर फील्ड ऑफिसर सिद्धांत जैन ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए किंग कोबरा को सफलतापूर्वक पकड़ा। स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक निरीक्षण के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास के अनुरूप सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
ग्रामीणों में बढ़ी जागरूकता
वन विभाग ने बताया कि अब ग्रामीणों में वन्यजीव संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। पहले जहां सांप दिखने पर लोग उसे मार देते थे, वहीं अब वन विभाग और रेस्क्यू टीम को सूचना देकर उसके संरक्षण में सहयोग कर रहे हैं। विभाग ने इसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सकारात्मक बदलाव बताया है।
संरक्षण में अहम भूमिका निभाता है किंग कोबरा
किंग कोबरा भारत का सबसे लंबा विषैला सर्प माना जाता है और इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है। विशेषज्ञों के अनुसार यह सर्प जंगलों में अन्य सांपों की संख्या नियंत्रित कर पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। किसी क्षेत्र में इसकी मौजूदगी स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत मानी जाती है।
कोरबा में संरक्षण प्रयास जारी
वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में जितेंद्र सारथी और उनकी टीम लगातार सक्रिय है। टीम जंगलों में कैमरा ट्रैप के माध्यम से वन्यजीवों की निगरानी कर रही है तथा एंटी-स्नेयर अभियान चलाकर अवैध फंदों को हटाने का कार्य भी कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरबा जिले में पाए जाने वाले किंग कोबरा के बेहतर संरक्षण के लिए जेनेटिक अध्ययन, टेलीमेट्री आधारित मॉनिटरिंग और कुछ वन क्षेत्रों को विशेष संरक्षण क्षेत्र घोषित किए जाने की आवश्यकता है।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव या सांप के दिखाई देने पर घबराएं नहीं, उसे नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें और तुरंत वन विभाग अथवा अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना दें। मानव और वन्यजीवों के सहअस्तित्व के लिए जागरूकता और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है।
