सक्ती/सीजी एनएन 24 न्यूज: प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की मंजूर राशि का चेक जारी करने के एवज में 2 लाख रुपए रिश्वत मांगने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत सक्ती के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) निखिल कश्यप, सहायक ग्रेड-3 अविनाश ठाकुर और चपरासी लच्छन भानु को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपियों को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा और रकम जब्त कर ली।
ACB के अनुसार ग्राम लिमतरा निवासी अरुण कुमार भारद्वाज ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी माता ग्राम पंचायत लिमतरा की सरपंच हैं। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत पंचायत में निर्मला घाट, नाली निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। इनमें से 8 लाख रुपए की राशि का चेक पहले जारी हो चुका था, जबकि शेष 12 लाख रुपए का भुगतान लंबित था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाकी 12 लाख रुपए का चेक जारी करने के लिए जनपद पंचायत CEO निखिल कश्यप और बाबू अविनाश ठाकुर ने 2 लाख रुपए रिश्वत की मांग की। रिश्वत नहीं देने की इच्छा जताते हुए उन्होंने ACB बिलासपुर से शिकायत की।
जांच में खुला रिश्वतखोरी का नेटवर्क
शिकायत की जांच के दौरान ACB को पता चला कि आरोपी अविनाश ठाकुर ने कार्यालय के चपरासी लच्छन भानु के माध्यम से पहले ही 1 लाख रुपए की रिश्वत की पहली किस्त ले ली थी। इसके बाद शेष 1 लाख रुपए की मांग लगातार की जा रही थी।
ट्रैप कार्रवाई में पकड़े गए आरोपी
शिकायत की पुष्टि होने के बाद ACB ने योजनाबद्ध तरीके से 15 जून को ट्रैप कार्रवाई की। शिकायतकर्ता को जनपद पंचायत कार्यालय भेजा गया। वहां CEO निखिल कश्यप ने रिश्वत की रकम लेने के लिए अविनाश ठाकुर को निर्देश दिया और अविनाश ने आगे चपरासी लच्छन भानु को पैसे लेने के लिए कहा।
जैसे ही शिकायतकर्ता ने 1 लाख रुपए की राशि चपरासी को सौंपी, पहले से तैनात ACB टीम ने मौके पर दबिश देकर तीनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
ACB बिलासपुर ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा 7 एवं 12 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
