कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा वन मंडल के पसरखेत क्षेत्र में उस समय लोगों की सांसें थम गईं, जब कोरबा-हाटी मुख्य मार्ग पर एक विशालकाय किंग कोबरा दिखाई दिया। करीब 14 फीट लंबे इस जहरीले सांप को सड़क पार करते देख राहगीरों में हड़कंप मच गया। कई वाहन चालक अपनी गाड़ियां रोककर दूर से ही नजारा देखने लगे, जिससे कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा।
जानकारी के मुताबिक किंग कोबरा सड़क किनारे स्थित नाले के पास झाड़ियों से निकलकर मुख्य सड़क की ओर आ गया था। सांप के आकार और उसकी मौजूदगी को देखते हुए लोगों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन मंडल अधिकारी प्रेमलता यादव के निर्देश और उप वन मंडल अधिकारी सूर्यकांत सोनी की निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। चूंकि किंग कोबरा व्यस्त सड़क के किनारे मौजूद था, इसलिए उसके वाहन की चपेट में आने या किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने सर्प संरक्षण और रेस्क्यू कार्य में विशेषज्ञ संस्था Reptile Care and Rescuer Society (आरसीआरएस) से मदद मांगी। सूचना मिलते ही संस्था के सदस्य अविनाश यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और अभियान में जुट गए।
50 मीटर का सुरक्षा घेरा, बारिश में चला रेस्क्यू
रेस्क्यू के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए घटनास्थल के चारों ओर लगभग 50 मीटर का सुरक्षा घेरा बनाया गया, ताकि कोई भी व्यक्ति किंग कोबरा के करीब न पहुंच सके। इस बीच भारी बारिश भी होती रही, लेकिन वन विभाग और आरसीआरएस की टीम ने अभियान जारी रखा।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने विशालकाय किंग कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। इसके बाद उसकी स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया।
प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया
वन विभाग ने किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास के समीप जंगल के सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ दिया। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में सांप अक्सर बिलों और जंगलों से निकलकर खुले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों और आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं किंग कोबरा या कोई अन्य जहरीला सांप दिखाई दे, तो उसे नुकसान पहुंचाने या पकड़ने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को दें, ताकि वन्यजीव और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ग्रामीणों और वन प्रबंधन समिति के सदस्यों ने भी वन्यजीव संरक्षण के इस प्रयास की सराहना करते हुए सहयोग का भरोसा जताया।
