कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले में गुरुवार देर रात नशे में धुत ट्रेलर चालकों ने जमकर उत्पात मचाया। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में एक के बाद एक तीन हादसे हुए, जिनमें कई लोगों की जान बाल-बाल बच गई। घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। कुछ स्थानों पर लोगों ने चालकों को पकड़कर उनकी पिटाई कर दी और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया।
पहली घटना मानिकपुर चौकी क्षेत्र के शारदा विहार पेट्रोल पंप के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक ट्रेलर चालक शराब के नशे में वाहन को बीच सड़क पर खड़ा कर चाबी लगी हालत में छोड़कर फरार हो गया। व्यस्त मार्ग पर ट्रेलर खड़े होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई और घंटों यातायात बाधित रहा। परेशान लोगों ने चालक को तलाश कर पकड़ लिया और जमकर नाराजगी जताई। सूचना मिलने पर मानिकपुर पुलिस मौके पर पहुंची, ट्रेलर को हटवाया और यातायात व्यवस्था बहाल कराई।
दूसरी घटना रामनगर बाईपास मार्ग पर सामने आई, जहां कोयला लदी एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक मकान में जा घुसी। बताया जा रहा है कि चालक और हेल्पर दोनों शराब के नशे में थे। ट्रेलर मकान के आंगन में लगे पेड़ से टकराकर रुकी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के समय घर में मौजूद लोग सुरक्षित बच गए, अन्यथा गंभीर जनहानि हो सकती थी।
वहीं तीसरी घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के मानिकपुर बाईपास मार्ग पर हुई। यहां एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट गहरे नाले में जा गिरी। हादसे में चालक को मामूली चोटें आईं, लेकिन ट्रेलर जिस तरह नाले में गिरी, उसे देखते हुए यह दुर्घटना जानलेवा साबित हो सकती थी।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने जिले में भारी वाहनों के संचालन और नशे में ड्राइविंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में जनवरी से अब तक शराब पीकर वाहन चलाने के 1014 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। इन मामलों में कुल 1 करोड़ 10 लाख 40 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे में वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजहों में शामिल है। इसे रोकने के लिए जिलेभर में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। एक ही रात में हुई तीन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि भारी वाहनों के चालकों की लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
