नई दिल्ली: अखिल भारतीय राठौर क्षत्रिय महासभा, रजिस्टर्ड नई दिल्ली की नवगठित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र, समाज रत्न एवं समाज ध्वजवाहक श्री चुलेश्वर राठौर को लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। उनकी पुनर्नियुक्ति से छत्तीसगढ़ सहित देशभर के राठौर समाज में हर्ष, उत्साह और गौरव की लहर है।
छत्तीसगढ़ के एक छोटे से वनांचल (बिहड़) ग्राम छिंदपुर में जन्म लेकर सामाजिक चेतना और संगठनात्मक एकता का संकल्प हृदय में धारण करने वाले श्री चुलेश्वर राठौर ने समाजसेवा को अपने जीवन का ध्येय बनाया। देश के विभिन्न प्रांतों में निरंतर प्रवास करते हुए उन्होंने समाज के कोने-कोने को जोड़ने, सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने और संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करने के लिए अथक प्रयास किए हैं।

महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रामविलास राठौर जी, राष्ट्रीय महामंत्री श्री राजेंद्र सिंह भदौरिया जी एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्रीमती सीमा संजय राठौर जी ने संगठनात्मक विश्वास व्यक्त करते हुए श्री चुलेश्वर राठौर को पुनः राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का दायित्व प्रदान किया है।
श्री चुलेश्वर राठौर का सामाजिक जीवन अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों एवं उपलब्धियों से समृद्ध रहा है। वे अखिल भारतीय राठौर क्षत्रिय महासभा के संभागीय संवाद प्रमुख, क्षत्रिय राठौर समाज कोरबा ग्रामीण के संस्थापक जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय प्रभारी उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ प्रांतीय राठौर क्षत्रिय सभा के प्रदेश संरक्षक तथा अखिल भारतीय राठौर क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं।
उनके सामाजिक जीवन की सबसे उल्लेखनीय कड़ी राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौड़ जी की जयंती का निरंतर आयोजन भी है। कोरबा ग्रामीण क्षेत्र में वर्ष 1994 से राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौड़ जी की जयंती उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में अनवरत मनाई जा रही है। सामाजिक स्वाभिमान, इतिहास चेतना और नई पीढ़ी में राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौड़ जी के शौर्य, त्याग एवं राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने की दिशा में यह निरंतर परंपरा एक प्रेरणादायी उदाहरण बन चुकी है।
छत्तीसगढ़ की माटी से निकलकर राष्ट्रीय पटल तक अपनी पहचान बनाने वाले श्री चुलेश्वर राठौर की कार्यशैली में संगठन के प्रति निष्ठा, समाज के प्रति संवेदना और नेतृत्व में दृढ़ता का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। समाज के विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में पिरोने तथा संगठन को गांव से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सशक्त बनाने में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का दायित्व मिलना उनके सामाजिक योगदान और नेतृत्व क्षमता पर विश्वास की सशक्त मुहर माना जा रहा है।
इस अवसर पर श्री चुलेश्वर राठौर ने महासभा के राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, “यह दायित्व मेरे लिए केवल पद नहीं, बल्कि समाज की सेवा, संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा सामाजिक एकता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प है। मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ समाजहित में कार्य करता रहूंगा।”
श्री राठौर की पुनर्नियुक्ति पर छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न प्रांतों से समाजजनों, पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों ने बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। समाजजनों ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव, ऊर्जा, संगठनात्मक कौशल और समाज के प्रति समर्पण से अखिल भारतीय राठौर क्षत्रिय महासभा को नई गति और नई दिशा मिलेगी तथा समाज की एकता, संगठन और सामाजिक उत्थान का ध्वज और अधिक ऊंचाई पर लहराएगा।
दायित्व की पुनरावृत्ति विश्वास की मुहर है,
और समाजसेवा के पथ पर निरंतर बढ़ते कदम नेतृत्व की पहचान हैं।
छिंदपुर की माटी से राष्ट्रीय क्षितिज तक—चुलेश्वर राठौर की यह यात्रा सामाजिक समर्पण, संगठन शक्ति और समाजसेवा की एक प्रेरणादायी गाथा है।
