कोरबा: रंगों का त्योहार होली खुशियों और प्रेम का प्रतीक है, लेकिन अक्सर इसका प्रभाव बेजुबान जानवरों पर नकारात्मक रूप से पड़ता है। होली के दौरान कई लोग कुत्तों, गायों, बिल्लियों और पक्षियों पर जबरदस्ती रंग डाल देते हैं, जिससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो होती हैं।
जानवरों पर रंग डालने के खतरे:
- त्वचा और आंखों में जलन: केमिकल युक्त रंग उनकी त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं और आंखों में जलन पैदा कर सकते हैं।
- खाने में मिलावट: रंग उनके खाने या पानी में मिल जाने से जहरीला प्रभाव डाल सकता है।
- सांस की समस्या: पाउडर वाले रंग जानवरों की सांस नली में जाकर दम घुटने जैसी समस्या पैदा कर सकते हैं।
क्या करें:
.जानवरों से प्रेमपूर्वक व्यवहार करें और उन्हें रंगों से दूर रखें।
.अगर किसी जानवर पर रंग लग जाए, तो गीले कपड़े से धीरे-धीरे साफ करें।
.पशु प्रेमियों और स्थानीय प्रशासन को जागरूक करें कि वे इस विषय में सख्त कदम उठाएं।
संवेदनशीलता दिखाएं, होली को प्रेम और खुशियों से मनाएं।
“रंगों का त्योहार, खुशियों की बहार – जानवरों से करें प्यार!”
