नाबालिगों को वाहन देना बन रहा सड़क हादसों की बड़ी वजह, आए दिन हो रहे हादसे

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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:   कोरबा शहर में दिन-ब-दिन सड़क हादसे बढ़ते जा रहे हैं जिसकी एक बड़ी वजह नाबालिग बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन सौंपना है। हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। निहारिका ब्ल्यू बर्ड स्कूल के सामने जहाँ एक नाबालिग बाइक सवार की लापरवाही से एक व्यक्ति घायल हो गया। यह घटना मंगलवाल की रात की है। इस सूचना की जानकारी मिलते ही मौके पर रामपुर पुलिस पहुंची और वाहन को जब्त कर लिया गया। वहीं नाबालिग के बाइक में नंबर प्लेट भी नहीं था। यह कोई पहला मामला नहीं है। ऐसे कई घटनाएं हैं जो माता-पिता की अनदेखी का नतीजा है।

नाबालिग अक्सर रोड पर फर्राटे से दोपहिया वाहन दौड़ाते देखे जा सकते हैं। इन नाबालिगों को न तो यातायात नियमों की जानकारी होती है और न ही दुर्घटना होने का भय। ये जितनी तेजी से वाहन चला सकते हैं उतनी तेजी से वाहन चलाते गुजर जाते हैं। काफी रफ्तार से इन्हें वाहन चलाता देख लोग सहम जाते हैं और दुर्घटना होने की आशंका से कांप भी जाते हैं।

अभिभावक हैं जिम्मेदार
नाबालिगों के तेज गति से वाहन चलाने के लिए उनके अभिभावक भी जिम्मेदार हैं। नाबालिगों को बाइक अथवा कार की चाबी सौंपते समय उन्हें सोचना चाहिए कि उनका बच्चा अभी वाहन चलाने योग्य हुआ है या नहीं। साथ ही उसकी उम्र ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की हुई है या नहीं। देश में 18 वर्ष की उम्र पार कर चुके लोगों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कानून है। लेकिन इस कानून की धज्जियां रोज उड़ाई जाती है। 

पुलिस ने दी चेतावनी

ट्रैफिक पुलिस ने चेताया है कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाने देना एक अपराध है, और अभिभावकों पर भी कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक नियमों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। “एक छोटी सी लापरवाही, जिंदगी भर का पछतावा बन सकती है।” पुलिस अधीक्षक कोरबा के निर्देशन में ट्रैफिक पुलिस द्वारा लगातार सतर्कता अभियान भी चलाया जा रहा है।

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