कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के खिलाफ कोरबा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो खाताधारकों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार दोनों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते दूसरे लोगों को इस्तेमाल करने के लिए दिए थे।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में साइबर थाना कोरबा की टीम म्यूल अकाउंट की लगातार जांच कर रही है। इसी दौरान अलग-अलग मामलों में दो बैंक खातों को साइबर अपराध से जुड़े लेन-देन में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई।
जांच के दौरान मानस नगर निवासी महेंद्र कुमार धीवर और कृष्ण नगर निवासी के. प्रभाकर राव से पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने लाभ और कमीशन के बदले अपने बैंक खाते अन्य लोगों को उपयोग के लिए दिए थे। बाद में दोनों को पता चला कि उनके बैंक खाते होल्ड कर दिए गए हैं।
मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों के खिलाफ धारा 317(2) और 318(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस की जांच अभी जारी है।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
साइबर ठग अक्सर लोगों को आसान कमाई या कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए करते हैं। ऐसे खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले खाते उपलब्ध कराने वाले खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
कोरबा पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम/डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी, मोबाइल नंबर या सिम किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। कमीशन या आसान कमाई का लालच देने वाले लोगों से सावधान रहें।
अपने बैंक खाते में होने वाले लेन-देन पर नजर रखें। किसी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में पैसा प्राप्त कर उसे दूसरे खाते में भेजने या नकद निकालकर देने से भी बचें।
