कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दोपहर को कोरबा जिले के पाली ब्लॉक स्थित हरदीबाजार बस स्टैंड पहुंचे, जहाँ उनका पुष्पमाला और पटाखों के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। स्वागत के बाद वे पूर्व विधायक बोधराम कंवर के आवास पहुंचे, जहाँ स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया।
सभा के दौरान भूपेश बघेल ने विस्थापितों और प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की और कोयला खदानों के विस्तार को लेकर खड़े हुए सवालों पर स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और कंपनी के दबाव से डरने की बजाय ग्रामीणों को ठोस रूप से अपने हक के लिए लड़ना चाहिए।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कोयला कंपनी जो जिले के कई गांवों से पहले जमीन ले चुकी है अब हरदीबाजार की जमीन पर नज़र गड़ाये हुए है। कंपनी के सर्वे और दबाव की कोशिशों के कारण इलाके में तनाव बना हुआ है, लोगों के विरोध के कारण कई बार योजना विफल हुई। विस्थापित संगठन के कार्यक्रम में भूपेश बघेल के साथ कटघोरा के पूर्व विधायक बोधराम कंवर और पुरुषोत्तम कंवर भी मौजूद रहे और उन्होंने अधिकारियों व कंपनी के रवैये पर प्रश्न उठाए।
सभा के बाद मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा कि स्थानीय समस्याओं का समाधान करने की बजाय उन्हें जटिल बनाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने मांग की कि मुआवजे का निर्धारण 2004 के नहीं बल्कि 2025 के बाजार मूल्य के हिसाब से किया जाए। “कंपनी से डरने के बजाय उससे जमकर लड़े ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड भारत सरकार के अधीन आता है और उसके नियम लागू होते हैं। विस्थापित वर्ग के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।” उन्होंने अधिकारियों को मनमानी बंद करने की नसीहत दी और कहा कि प्रशासन को प्रभावित परिवारों के अधिकार और उचित मुआवजा सुनिश्चित करना चाहिए।
