रायपुर/सीजी एनएन 24 न्यूज: केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बीच रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने मंगलवार को गोंदिया-डोंगरगढ़ खंड पर चौथी रेल लाइन के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। 84 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग ₹2,223 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे अगले पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह परियोजना भारतीय रेलवे के पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों के बीच यात्री एवं माल परिवहन को तेज और सुगम बनाना है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में जानकारी देते हुए कहा कि यह परियोजना ट्रैफिक दबाव को कम करने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
परियोजना की प्रमुख बातें:
•कुल लंबाई: 84 किलोमीटर
•अनुमानित लागतः ₹2,223 करोड़
•निर्माण अवधिः 5 वर्ष
•राज्यः महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़
•रेल ज़ोनः दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे
•जिले: राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) और गोंदिया (महाराष्ट्र)
इस खंड के विकसित होने से हज़ारा जलप्रपात, नवेगांव राष्ट्रीय उद्यान, बम्लेश्वरी मंदिर और डोंगरगढ़ धारा रिज़र्व फ़ॉरेस्ट जैसे पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क और बेहतर होगा, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
पूरे भारत में चार प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृतिः
•गोंदिया-डोंगरगढ़ (84 किमी, 4th लाइन)
•भुसावल-वर्धा (314 किमी, 3rd और 4th लाइन)
•वडोदरा-रतलाम (259 किमी, 3rd और 4th लाइन)
•इटारसी-बीना (237 किमी, 4th लाइन)
इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत 24,634 करोड़ है और इससे भारतीय रेलवे नेटवर्क में 894 किमी की वृद्धि होगी।
