कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: लोक आस्था के महापर्व छठ का उत्सव सोमवार को पूरे कोरबा जिले में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में मनाया गया। शाम ढलते ही जिले के विभिन्न छठ घाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु और व्रती महिलाएं पहुंचीं और डूबते सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। घाटों पर छठी मइया के भजन और लोकगीतों की मधुर धुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
सोमवार को पर्व के तीसरे दिन व्रती महिलाओं ने दिनभर निर्जला उपवास रखा और सायंकाल सूर्यास्त के समय घाटों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। बालको, एनटीपीसी जमनीपाली, दीपका, कुसमुंडा, कटघोरा, बाकी मोगरा, हरदीबाजार और दर्री समेत जिले के सभी प्रमुख इलाकों में छठ घाटों पर मनमोहक दृश्य देखने को मिला।
महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजीं, सिर पर फल, ठेकुआ, नारियल, केला, ईख और अन्य पूजन सामग्री से भरी टोकरी लेकर घाटों तक पहुंचीं। सूर्यास्त के समय श्रद्धालुओं ने समूह में लोकगीत गाते हुए सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया, जिससे वातावरण भक्ति और संगीत से भर गया।
प्रशासन रहा मुस्तैद, की गई विशेष व्यवस्थाएं
छठ पर्व को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से घाटों पर व्यापक इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले से तैनात किया गया था। पुलिस बल और होमगार्ड जवानों की मौजूदगी में श्रद्धालु शांतिपूर्वक पूजा संपन्न करते रहे। नगर निगम द्वारा घाटों की सफाई, रोशनी और अस्थायी बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी ताकि किसी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
प्रमुख घाटों पर उमड़ी अपार भीड़
कोरबा के रानी सागर, बालको बंधा, देवनगर तालाब, दर्री जलाशय, जमनीपाली तालाब, कुसमुंडा तालाब और कटघोरा के रानीतालाब में व्रतियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। पारिवारिक समूहों में महिलाएं गीत गाते हुए छठी मइया की पूजा करती नजर आईं। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन घाटों पर पहुंचे।
भक्ति और आस्था से ओतप्रोत यह आयोजन देर शाम तक चलता रहा। सूर्यास्त के बाद श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर छठी मइया से परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की।
मंगलवार की सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ चार दिवसीय छठ पर्व का समापन होगा। व्रतियों ने कहा कि यह पर्व आत्मिक शुद्धि, अनुशासन और परिवार की मंगलकामना का प्रतीक है।
