कोरबा में मवेशी तस्करी की बड़ी कोशिश नाकाम: जंगल से 28 मवेशी बरामद, 5 आरोपियों को पुलिस ने दबोचा

By Atul Yadav - Editor
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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:   कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र में मवेशी तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 28 मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी रहमद खान समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ आरोपी मौके से फरार बताए जा रहे हैं।

जंगल में भूखे-प्यासे बांधकर रखे गए थे मवेशी

घटना बतरा गांव के भदरापारा इलाके की है। जानकारी के अनुसार, टावर मोहल्ला पाली निवासी विजय नेताम को ग्रामीणों ने सूचना दी थी कि कुछ संदिग्ध लोग जंगल में बड़ी संख्या में मवेशियों को छिपाकर रखे हुए हैं। सूचना मिलते ही विजय नेताम ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे।

जंगल के भीतर पेड़ों से बंधे 28 मवेशी मिले, जिन्हें न तो चारा दिया गया था और न ही पानी। मवेशियों की दयनीय हालत देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। मौके पर मौजूद पांच लोगों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया, जबकि कुछ अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की कार्रवाई

ग्रामीणों की सूचना पर पाली पुलिस तत्काल घटनास्थल पहुंची और सभी 28 मवेशियों को जब्त कर लिया। पुलिस के मुताबिक बरामद मवेशियों की अनुमानित कीमत करीब 84 हजार रुपये बताई जा रही है। फिलहाल मवेशियों को एक स्थानीय ग्रामीण की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखा गया है।

पाली पुलिस ने मुख्य आरोपी रहमद खान और उसके चार साथियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।

कार्रवाई के बाद ग्रामीणों को मिल रही धमकियां

मामले में कार्रवाई के बाद गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि फरार तस्करों और गिरफ्तार आरोपियों के परिजन फोन पर गाली-गलौज और धमकी दे रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से धमकी देने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि तस्करों के हौसले इतने बढ़ चुके हैं कि वे कार्रवाई के बाद भी खुलेआम लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं।

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