कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले के करतला थाना क्षेत्र के ग्राम तराईमारडीह में जंगली हाथियों की मौजूदगी की सूचना देकर ग्रामीणों को सतर्क करने पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों के साथ अभद्रता और धमकी देने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक सरकारी शिक्षक के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत में परिसर वन अधिकारी हरिनारायण बंजारे ने बताया कि क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग की टीम संवेदनशील गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क कर रही थी। इसी अभियान के दौरान टीम ग्राम तराईमारडीह पहुंची, जहां गांव निवासी पतिराम राठिया, जो शासकीय स्कूल में शिक्षक हैं, ने वन अधिकारियों को रोक लिया।
शिकायत के मुताबिक आरोपी ने वन अधिकार पत्र के आवेदन पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। वन अधिकारी द्वारा इससे इनकार करने पर उसने सार्वजनिक रूप से अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि इस दौरान उसने जातिसूचक टिप्पणी करते हुए अधिकारी को वाहन से नीचे उतरने के लिए कहा और मारपीट तथा जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटनाक्रम से वन विभाग का शासकीय कार्य बाधित हुआ।
घटना के समय वनरक्षक अशोक कुमार यादव, वाहन चालक महत्तम सिंह कंवर, सुरक्षा श्रमिक खगेश्वर प्रसाद और परिसर वन अधिकारी सर्रीराम बंजारे भी मौके पर मौजूद थे। शिकायतकर्ता ने घटना का मोबाइल वीडियो भी पुलिस को सौंपा है। वहीं, आसपास मौजूद कई ग्रामीणों को भी घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताया गया है।
वन अधिकारी ने अपनी शिकायत में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की मांग की थी। फिलहाल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
