ब्लास्ट हादसे के अगले दिन नियमित कर्मचारियों की जगह बुलाए गए दिहाड़ी मजदूर, मास्क-दस्ताने तक नहीं दिए; जहरीले धुएं के संपर्क में आने का आरोप
कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: औद्योगिक क्षेत्र स्थित अंकुश अग्रवाल की कार्बन फैक्ट्री में हुए बायलर ब्लास्ट के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि हादसे के अगले ही दिन फैक्ट्री प्रबंधन ने नियमित कर्मचारियों के बजाय दिहाड़ी मजदूरों से जली हुई राख और मलबे की सफाई कराई। इस दौरान मजदूरों को न तो मास्क उपलब्ध कराया गया और न ही दस्ताने या अन्य सुरक्षा उपकरण दिए गए।
सफाई के दौरान कथरीमाल निवासी शिवशंकर साहू की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे गले में तेज दर्द और सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसके बाद परिजन रात साढ़े 8 बजे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त इलाज नहीं मिला और देर रात मरीज को छुट्टी दे दी गई। वहीं, सफाई में शामिल अन्य मजदूरों के भी जहरीले धुएं के संपर्क में आने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ब्लास्ट के बाद मची थी अफरा-तफरी
शनिवार को फैक्ट्री में बायलर में पिच अनलोडिंग के दौरान तेज धमाका हुआ था। विस्फोट के बाद अत्यधिक तापमान वाला कच्चा मटेरियल बाहर निकल आया, जिससे फैक्ट्री में आग लग गई। आग और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिया। घटना के समय मौजूद मजदूर जान बचाकर बाहर निकल गए।
सूचना मिलने पर नगर सेना, बालको, सीएसईबी सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की दमकल टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में फैक्ट्री के भीतर रखा कच्चा माल और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
हादसे के बाद नियमित कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे तो प्रबंधन ने दिहाड़ी मजदूरों को बुलाकर सफाई शुरू करा दी। आरोप है कि उस समय तक राख पूरी तरह ठंडी भी नहीं हुई थी। बिना किसी सुरक्षा किट के मजदूरों से जहरीले मलबे की सफाई कराना श्रमिक सुरक्षा नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
