पत्थर से महिला की हत्या, शव छिपाकर मिटाए सबूत; कोर्ट ने आरोपी को सुनाई उम्रकैद की सजा
बालोद/सीजी एनएन 24 न्यूज: महिला की हत्या के मामले में बालोद जिला एवं सत्र न्यायालय ने बुधवार को अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी नेमीचंद साहू उर्फ नेमू (29) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला डौंडी लोहारा थाना क्षेत्र का है। इस केस की जांच में मृतका के हाथ पर बना ‘K.K.’ टैटू पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने मृतका की पहचान की और वैज्ञानिक व तकनीकी जांच के जरिए हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई।
सुनसान इलाके में मिली थी महिला की लाश
पुलिस के मुताबिक, 16 जनवरी 2026 को ग्राम गुरमी स्थित नाला भेंजरा पठार के पास एक महिला का शव मिला था। महिला की पहचान तत्काल नहीं हो सकी थी, जिसके चलते पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतका की शिनाख्त करना था।
मृतका के हाथ पर अंग्रेजी अक्षरों में ‘K.K.’ का टैटू बना हुआ था। पुलिस ने इसी निशान को अहम सुराग मानते हुए जांच आगे बढ़ाई। तकनीकी इनपुट और मैदानी जांच के जरिए पुलिस ने मृतका की पहचान ग्राम पाररास निवासी कमला बाई राजपूत के रूप में की।
पत्थर से वार कर हत्या का आरोप
मृतका की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके संपर्कों, गतिविधियों और घटना से जुड़े लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की। जांच में नेमीचंद साहू का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने महिला के सिर और चेहरे पर पत्थर से वार कर उसकी हत्या की थी।
हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस से बचने के लिए सबूत मिटाने का प्रयास किया। शव को पत्थरों से ढकने, खून से सने कपड़ों को साफ करने और मृतका के मोबाइल को तोड़ने की बात जांच में सामने आई।
साइबर सेल और वैज्ञानिक जांच ने जोड़ी कड़ियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मिलकर जांच की। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर भौतिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए गए। तकनीकी साक्ष्यों के साथ वैज्ञानिक जांच और मैदानी विवेचना को जोड़कर पुलिस ने घटना की कड़ियों को आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल पत्थर, खून से सने कपड़े, हीरो डीलक्स बाइक, मृतका का क्षतिग्रस्त मोबाइल और चूड़ियां बरामद कीं।
26 जनवरी को हुई आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने 26 जनवरी 2026 को नेमीचंद साहू को गिरफ्तार किया। विवेचना पूरी होने के बाद प्रकरण न्यायालय में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद बालोद जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस मामले में पुलिस की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के साथ मृतका की पहचान में ‘K.K.’ टैटू की भूमिका अहम रही, जिसने एक अनजान महिला की पहचान से शुरू हुई जांच को हत्याकांड के आरोपी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी का काम किया।
