मुर्गी चोरी के शक में खूनी खेल, पड़ोसी की हत्या; पिता और दो नाबालिग बेटे गिरफ्तार

By Atul Yadav - Editor
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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मुर्गी चोरी के शक को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद जानलेवा बन गया। पाली थाना क्षेत्र के ग्राम जमनीमुड़ा में दो पड़ोसियों के बीच हुई मारपीट में एक युवक की मौत हो गई। आरोप है कि घायल पिता को देखकर उसके दोनों नाबालिग बेटों ने दूसरे पक्ष के युवक पर ईंट और डंडे से हमला कर दिया। मामले में पुलिस ने पिता और उसके दोनों नाबालिग बेटों को पकड़ लिया है।

पहले हुई कहासुनी, फिर दोनों पक्षों में मारपीट

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 14 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच की है। गांव में आमने-सामने रहने वाले खुशाल सिंह कंवर उर्फ कुसाल सिंह और नारायण सिंह पोर्ते के बीच मुर्गी चोरी के संदेह को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई।

आरोप है कि विवाद के दौरान नारायण सिंह ने खुशाल सिंह के सिर पर डंडे से वार किया। जवाबी हमले में नारायण के कान पर चोट आई, जिसके बाद वह घायल अवस्था में अपने घर पहुंचा।

पिता को घायल देख बेटों ने किया हमला

नारायण सिंह को घायल देखकर उसके दोनों नाबालिग बेटे आक्रोशित हो गए। दोनों खुशाल सिंह के घर पहुंचे और उस पर ईंट व डंडे से हमला कर दिया। इस हमले में खुशाल के सिर और कनपटी पर गंभीर चोटें आईं।

घायल खुशाल को परिजन 108 एंबुलेंस की मदद से पाली के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा

हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर गठित टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, कटघोरा के एएसपी, एसडीओपी विजय सिंह राजपूत और पाली थाना प्रभारी के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।

पुलिस ने मुख्य आरोपी नारायण सिंह पोर्ते (44 वर्ष) को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उसने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर पाली के जेएमएफसी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने के बाद उसे कटघोरा उप जेल भेज दिया गया।

वहीं घटना में शामिल दोनों नाबालिगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, दोनों ने भी वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। उन्हें किशोर न्याय बोर्ड, कोरबा के समक्ष पेश किया गया, जहां से बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।

मुर्गी चोरी के शक से शुरू हुआ विवाद अब हत्या के मामले में बदल चुका है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

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