सड़क की बदहाली और धूल से परेशान ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सुतर्रा-बांकीमोंगरा-कटघोरा मार्ग पर चक्काजाम, देखें वीडियो….

By Atul Yadav - Editor
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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  सड़क की बदहाल हालत और धूल के गुबार से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह मोर्चा खोल दिया। सुतर्रा-बांकीमोंगरा-कटघोरा बाईपास मुख्य मार्ग पर सुबह 9 बजे से चक्काजाम शुरू कर दिया गया। लखनपुर समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों के सड़क पर उतरने से यातायात प्रभावित हो गया और मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

गड्ढों से परेशानी, धूल ने बढ़ाई मुसीबत

ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण लगातार धूल उड़ती रहती है। इसका असर आसपास के रहवासियों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। घरों में धूल जमने के साथ लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के मुताबिक इस समस्या से स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भी काफी परेशानी होती है। खराब सड़क के कारण आवागमन जोखिम भरा और मुश्किल हो गया है।

आश्वासन के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासन पर समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पहले भी सड़क की स्थिति सुधारने के लिए अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया था। चक्काजाम की चेतावनी के बाद सड़क पर पानी का छिड़काव कराने और मरम्मत शुरू करने का आश्वासन मिला था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार, जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने दोबारा ज्ञापन देकर अपनी मांगें रखीं और आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। इसके बावजूद राहत नहीं मिलने पर शुक्रवार को चक्काजाम करने का निर्णय लिया गया।

मरम्मत और नियमित पानी छिड़काव की मांग

ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए, धूल से राहत के लिए नियमित पानी का छिड़काव हो और समस्या के समाधान को लेकर लिखित आश्वासन दिया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि मौके पर ठोस कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।

मौके पर पहुंचे अधिकारी, बातचीत जारी

चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। चक्काजाम के चलते मार्ग पर यातायात प्रभावित है और अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।

ग्रामीणों की मांग साफ है- जर्जर सड़क की मरम्मत हो और धूल से स्थायी राहत मिले, ताकि लोगों को रोजाना की परेशानी से छुटकारा मिल सके।

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