कोरबा में अवैध महुआ शराब पर आबकारी विभाग का छापा, 53.6 लीटर शराब जब्त, 5 आरोपी गिरफ्तार

By Atul Yadav - Editor
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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  जिले में अवैध महुआ शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने आबकारी विभाग ने अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई की है। विभाग की टीमों ने चार स्थानों पर दबिश देकर कुल 53.6 लीटर महुआ शराब और 300 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया। कार्रवाई के दौरान पांच लोगों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। हालांकि, लगातार कार्रवाई के बावजूद ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

बुंदेली से भालूभटरा तक कार्रवाई

आबकारी विभाग की पहली कार्रवाई बालको थाना क्षेत्र के ग्राम बुंदेली में हुई। यहां बोधराम श्रीवास (40) के कब्जे से 7 लीटर महुआ शराब और 30 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया। यह कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक सुनील कुमार रात्रे के नेतृत्व में की गई।

वहीं, दीपका वृत्त में आबकारी उपनिरीक्षक दीपमाला लक्षवानी की टीम ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की। बड़े बांका, थाना कटघोरा निवासी जगेश्वर मरकाम (38) के पास से 6.2 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। इसी क्षेत्र में डबरीपारा रजकम्मा निवासी अजीत टेकाम (23) के कब्जे से 11.2 लीटर महुआ शराब और 30 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद हुआ।

तिलकेजा और भालूभटरा में भी मिला शराब बनाने का सामान

उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम तिलकेजा में आबकारी उपनिरीक्षक विपिन कुमार पाठक की टीम ने अन्नपूर्णा जायसवाल (35 वर्ष) के कब्जे से 11 लीटर महुआ शराब और 180 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया।

इसी तरह कटघोरा थाना क्षेत्र के भालूभटरा में आबकारी उपनिरीक्षक डॉ. सुकांत पांडेय के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। यहां शांति बाई के पास से 18.2 लीटर महुआ शराब और 60 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया।

कार्रवाई के बाद भी गांवों में बिक्री की शिकायत

आबकारी विभाग अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का दावा कर रहा है। इसके बावजूद जिले के कई गांवों में महुआ शराब की बिक्री जारी रहने की शिकायतें मिल रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर खुलेआम शराब बेची जा रही है, जिससे गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है।

शिकायतों को लेकर ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचकर अवैध शराब की बिक्री बंद कराने की मांग भी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्रवाई से बचने के लिए कुछ लोग तालाबों और नदी किनारे सुनसान जगहों पर शराब बनाने की भट्टियां संचालित करते हैं।

अवैध कारोबार पर रोक लगाने की चुनौती

जिले में एक साथ अलग-अलग स्थानों पर हुई कार्रवाई से अवैध महुआ शराब के कारोबार पर विभाग की निगरानी सामने आई है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार मिल रही शिकायतें इस कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत भी उजागर करती हैं। अब देखना होगा कि आबकारी विभाग की आगे की कार्रवाई से अवैध शराब की बिक्री पर कितनी रोक लग पाती है।

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