कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: एसईसीएल गेवरा खदान में कार्यरत निजी ठेका कंपनियों के भू-विस्थापित श्रमिकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार, 27 अक्टूबर 2026 को प्रदर्शन किया। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जायसवाल के नेतृत्व में श्रमिक खदान में धरने पर बैठ गए। आंदोलन के दौरान करीब छह घंटे तक कामकाज प्रभावित रहा। इसके बाद एसईसीएल प्रबंधन और पीएनसी कंपनी के अधिकारियों ने श्रमिकों से चर्चा की और 29 अक्टूबर को वार्ता कर मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया।
छह महीने से लंबित मांगों को लेकर श्रमिकों में नाराजगी
जानकारी के अनुसार गेवरा खदान में कार्यरत निजी ठेका कंपनी पीएनसी सहित अन्य कंपनियों के श्रमिक पिछले कई महीनों से अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन और संबंधित कंपनियों से पत्राचार कर रहे थे। श्रमिकों का आरोप है कि छह महीने से हाई पावर कमेटी के निर्धारित वेतन, भविष्य निधि (पीएफ), सुरक्षा व्यवस्था, बोनस, वेतन पर्ची और जॉइनिंग लेटर जैसी सुविधाओं की मांग की जा रही है। इसके अलावा, पिछले दो महीने से भुगतान लंबित होने का भी आरोप लगाया गया है।
श्रमिकों का कहना है कि बार-बार पत्राचार करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जायसवाल को अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
अजय जायसवाल के नेतृत्व में खदान में धरना
श्रमिकों की शिकायत मिलने के बाद अजय जायसवाल खदान पहुंचे और भू-विस्थापित श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में श्रमिकों ने काम बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि इसी दिन एसईसीएल बिलासपुर के सीएमडी भी गेवरा खदान के दौरे पर कोरबा प्रवास पर थे।
29 अक्टूबर को होगी प्रबंधन के साथ बैठक
आंदोलन के बाद एसईसीएल प्रबंधन और पीएनसी कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने श्रमिकों से चर्चा कर आंदोलन स्थगित करने का आग्रह किया। इसके बाद 29 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे एसईसीएल गेवरा के सीजीएम कार्यालय में बैठक आयोजित कर मांगों पर चर्चा करने और उनके निराकरण का आश्वासन दिया गया। इसके पश्चात आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
इन प्रमुख मांगों पर बनी सहमति
वार्ता के दौरान श्रमिकों की निम्नलिखित मांगों पर चर्चा करने और समाधान की दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया गया:
- सभी श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन भुगतान।
- सभी श्रमिकों को पहचान पत्र (आईडी कार्ड) उपलब्ध कराना और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना।
- श्रमिकों को नियमित रूप से वेतन पर्ची प्रदान करना।
- स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना।
- सभी श्रमिकों को जॉइनिंग लेटर प्रदान करना।
- बोनस और अन्य लंबित भुगतान से जुड़े मुद्दों का निराकरण।
श्रमिकों को उम्मीद है कि आगामी बैठक में उनकी समस्याओं का ठोस समाधान निकलेगा और लंबे समय से लंबित मांगों पर कार्रवाई की जाएगी।
आंदोलन में ये लोग रहे उपस्थित
इस आंदोलन में भू-विस्थापित श्रमिकों के साथ पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जायसवाल, सांसद प्रतिनिधि शेत मसीह, बांकी मोंगरा के नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास, गोविंदा सारथी, कमलेश प्रजापति, संतोष यादव, प्रकाश सागर, फिरोज, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत, संजय यादव, सुजीत महंत, गौरव साहू और अनिल सागर सहित कंपनी में कार्यरत हेल्पर, ड्राइवर तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए।
अब सभी की नजरें 29 अक्टूबर को होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां श्रमिकों की वेतन, सुरक्षा, बोनस और रोजगार संबंधी मांगों पर आगे की कार्रवाई स्पष्ट होने की उम्मीद है।
