कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: SECL की मानिकपुर खदान क्षेत्र में संचालित SCC कंपनी के कैंप में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब परिसर में लगे तीन ट्रांसफार्मरों में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं और आसमान में काले धुएं का गुबार उठने लगा। घटना से कैंप में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
आग की लपटें उठते ही मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार कैंप परिसर में लगे तीन ट्रांसफार्मरों में अचानक आग लग गई। आग तेजी से फैलती देख वहां मौजूद कर्मचारी और अधिकारी सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर सेना और SECL की दमकल गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने और उसे अन्य हिस्सों तक फैलने से रोकने के लिए मशक्कत की।
घटना की जानकारी मिलने पर SCC कंपनी और SECL के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और स्थिति की जानकारी ली।
ट्रांसफार्मर जलने से बिजली आपूर्ति ठप, कामकाज प्रभावित
जानकारी के मुताबिक, इन ट्रांसफार्मरों से क्रेशर को बिजली की आपूर्ति की जाती है। क्रेशर के जरिए कोयले की कटिंग और सप्लाई से जुड़ा काम होता है। आग लगने के बाद बिजली आपूर्ति बंद हो गई, जिससे कैंप में कामकाज ठप पड़ गया और कोयले की सप्लाई भी प्रभावित हुई।
शॉर्ट सर्किट या ओवरलोडिंग की आशंका
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती तौर पर ओवरलोडिंग या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना की सूचना मानिकपुर चौकी पुलिस को भी दी गई है।
फायर सेफ्टी व्यवस्था पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद कैंप में मौजूद अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर दमकल वाहनों की सहायता लेनी पड़ी। घटना के बाद कैंप में आग से बचाव के इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।फिलहाल आग लगने के कारणों और नुकसान का विस्तृत आकलन सामने आना बाकी है।
