कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: सूर्य उपासना का त्योहार छठ महापर्व शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया। छठ महापर्व के चार दिन के अनुष्ठान के आखिरी दिन छठ व्रतियों ने छठ मैया की आराधना करके परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मंगल कामना की। वहीं कोरबा जिले में भी छठ पूजा की धूम रही। यहां अनेक घाटों में गुरुवार और शुक्रवार को छठ पूजा पर भगवान भूवन भास्कर को प्रथम और सुबह दूसरा अर्घ्य दिया गया। अनेक गीतों से नगर के साथ साथ उपनगरीय और ग्रामीण अंचल में भी भक्तिभाव का माहौल बना रहा।


शुक्रवार को तड़के चार बजे से ही छठ घाटों पर श्रद्धालु जुटना शुरू हो गए थे। घाट दीयों के प्रकाश से जगमगा रहा था। महिलाओं के साथ पुरुष फल की टोकरी सिर पर लिए दिखाई दिए, वही पानी में खड़े होकर सूर्य की आराधना की गई। सुबह जैसे ही सूर्य की पहली किरण दिखाई दी व्रतियों ने अर्घ्य देकर पूजा संपन्न की। इस दौरान घाटों पर युवाओं और बच्चों में भी गजब का उत्साह देखा गया। वहीं, महिलाओं ने मंगल गीत भी गाया।

छठ पर्व के लिए विशेष रूप से सजाए गए ढेंगुरनाला, सर्वमंगला मंदिर हसदेव नदी, तुलसी नगर घाट,मुड़ापार तालाब, शिवमंदिर एसईसीएल, मानिकपुर पोखरी, बालको, दर्री, बांकीमोंगरा, गेवरा-दीपका में बड़ी संख्या में लोगों ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। घाटों पर आतिशबाजी कर खुशियां मनाई गई। अपूर्व आस्था, समर्पण व श्रद्धा का पावन पर्व सूर्य षष्ठी छठ महापर्व मनाया गया। पिछले 36 घंटे से निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं व अन्य श्रद्धालुओं ने अपना व्रत खोला। समाज के इस चार दिवसीय लोकप्रिय त्योहार का शुभारंभ नहाय खाय से हुआ था। वीरवार को श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर उनकी पूजा की।
