जांजगीर/सीजी एनएन 24 न्यूज: जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग बालक को शादी का झांसा देकर उसका अपहरण करने और उसके साथ अनाचार करने के मामले में पुलिस ने आरोपी युवती को जगदलपुर से गिरफ्तार किया है। उस पर अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। वहीं यह मामला इसलिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि इसमें अपराध की आरोपी एक महिला है, जबकि पीड़ित एक नाबालिग बालक है।
पुलिस के अनुसार 1 जुलाई को जांजगीर थाने में एक नाबालिग के लापता होने की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिवार ने पुलिस को बताया कि उनके नाबालिग बेटे को किसी अज्ञात व्यक्ति ने बहला-फुसलाकर भगा लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 605/25 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई और गुमशुदा बालक की तलाश शुरू कर दी गई।
पुलिस द्वारा जांच पड़ताल करते हुए साइबर सेल की मदद से बालक के मोबाइल फोन की लोकेशन को ट्रेस किया गया। लोकेशन के आधार पर जानकारी मिली कि बालक जांजगीर से सैकड़ों किलोमीटर दूर जगदलपुर के इलाके में मौजूद है। इसके साथ ही, पुलिस को यह भी पता चला कि वह किसी युवती के साथ है। जिसके बाद जांजगीर सीएसपी के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम तत्काल जगदलपुर के लिए रवाना हुई।
पुलिस टीम ने जगदलपुर पहुंचकर स्थानीय पुलिस की मदद से उस स्थान पर दबिश दी जहां नाबालिग के होने की जानकारी मिली थी। पुलिस को वहां नाबालिग लड़का एक युवती के साथ मिला। पुलिस ने नाबालिग को युवती के कब्जे से सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने युवती को हिरासत में लिया और उससे कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी युवती ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। युवती ने पुलिस को बताया कि उसने नाबालिग को शादी का झांसा दिया और उसे लेकर जगदलपुर चली गई थी। इस दौरान उसने नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध भी बनाए।
पुलिस ने नाबालिग के बयान और आरोपी युवती के अपराध स्वीकार करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है। युवती के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 363 (अपहरण) और लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी युवती को जांजगीर स्थानीय अदालत में पेश किया गया जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
