हरेली पर्व पर बड़ा हादसाः दर्शन से लौटते समय कार बाढ़ में बही, 3 साल का मासूम लापता
बिलासपुर/सीजी एनएन 24 न्यूज: छत्तीसगढ़ में हरेली पर्व के दिन एक दर्दनाक हादसा हो गया। शिव मंदिर में दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की एक कार तेज बहाव वाले नाले में बह गई। कार में कुल 9 लोग सवार थे। इनमें से 8 लोगों ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचा ली, लेकिन एक 3 साल का मासूम बच्चा तेज बहाव में बह गया।
यह हादसा उस समय हुआ जब परिवार मंदिर से लौटते हुए एक उफनते नाले को पार करने की कोशिश कर रहा था। भारी बारिश के कारण नाले में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी, जिसे लोगों ने पहले नजरअंदाज कर दिया। जैसे ही कार नाले के बीच पहुंची, तेज बहाव ने उसे अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते कार पानी में डूब गई।
जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला सीपत थाना क्षेत्र की है। 24 जुलाई की शाम खम्हरिया के रहने वाले मोहनलाल साहू अपनी पत्नी, बच्चों और रिश्तेदारों के साथ कार में ग्राम उच्चभट्ठी स्थित शिव शक्ति पीठ मंदिर दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद सभी देर शाम 8 बजे करीब वापस लौट रहे थे। तभी ग्राम झलमला के तुंगन नाला बारिश की वजह से पुल के 3 फीट ऊपर से बह रहा था। देखते ही देखते नाले में कार करीब 60 फीट दूर बह गई।
कार में सवार 2 महिला, 2 पुरुष और 5 बच्चे समेत 9 लोग थे। इस दौरान 8 लोग किसी तरह पानी के तेज बहाव में कार का दरवाजा खोलकर बाहर निकल आए। 4 बच्चों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन एक 3 साल का बेटा तेजस बह गया। उसकी मां ने उसे पकड़ा था। लेकिन अचानक हाथ छूट गया और मासूम बच्चा पानी की तेज धार में बह गया।
वहीं घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। जानकारी मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचा। बच्चे की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है, देर रात तक बच्चे का कुछ पता चल सका। वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन आज सुबह भी जारी है।
यह हादसा प्रशासन और आमजन को एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि बारिश और बाढ़ के मौसम में जलस्तर वाले क्षेत्रों को पार करना कितना खतरनाक हो सकता है। हरेली जैसे शुभ पर्व पर घटी यह घटना पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना गई है।
