कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले में हसदेव थर्मल पावर स्टेशन (HTPS) में 7 अगस्त को करंट की चपेट में आए दो कर्मचारियों में से एक की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह (15 अगस्त) रायपुर के कालड़ा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान घायल ठेका कर्मी सुरेंद्र साहू (25 वर्ष) ने दम तोड़ दिया। सुरेंद्र कोरबा के दर्री क्षेत्र के अयोध्यापुरी दर्री का निवासी था।

कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, HTPS प्रबंधन ने क्लीनिंग और टाइटनेस का काम जीमैक्स कंपनी को ठेके पर दिया था। इसी काम के दौरान यार्ड में काम कर रहे ठेका कर्मी सुरेंद्र साहू लाइव ब्रेकर की चपेट में आ गए। उन्हें बचाने के प्रयास में वहां मौजूद जूनियर इंजीनियर आकाश कुजूर भी झुलस गए। दोनों को गंभीर हालत में उसी दिन रायपुर के कालड़ा हॉस्पिटल रेफर किया गया था।
इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने किया हंगामा
लगातार इलाज के बावजूद 15 अगस्त की सुबह सुरेंद्र की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। कोरबा में परिजनों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।
स्थिति बिगड़ती देख प्रबंधन और पुलिस ने हस्तक्षेप किया। लंबे समझौते के बाद 12 लाख रुपए का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने पर सहमति बनी। इसके बाद परिजनों ने शव को अंतिम संस्कार के लिए लिया।
पुलिस ने दर्ज किया केस
इस मामले में पुलिस ने कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में ठेका कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही सामने आई है।
इंजीनियर का इलाज जारी
दुर्घटना में घायल हुए जूनियर इंजीनियर आकाश कुजूर का इलाज अभी भी रायपुर के अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन पूरी तरह ठीक होने में समय लग सकता है।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
इस हादसे ने एक बार फिर थर्मल पावर प्लांटों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर ठेका कर्मियों को उचित सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण दिए बिना खतरनाक काम पर लगाया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा उपाय अपनाए जाते, तो यह हादसा टल सकता था।
