नींद की गोली खिलाकर नाबालिग से अनाचार, आरोपी को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
जांजगीर-चांपा: जिले में 14 वर्षीय नाबालिग से अनाचार करने वाले आरोपी दिलेश्वर महंत उर्फ निर्मलदास को अदालत ने कठोर सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) अनिल कुमार बारा की अदालत ने आरोपी को धारा 376 के तहत आजीवन कारावास तथा ₹500 के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त 1 माह का कारावास भुगतना होगा। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक चंद्रप्रताप सिंह ने पैरवी की।
घटना का विवरण
पीड़िता के पिता का निधन पहले ही हो चुका था। वह अपने मामा के घर पर रह रही थी। 13 मई 2023 को पीड़िता अपने बड़े भाई के साथ अपने बड़े पिता के पुत्र (आरोपी दिलेश्वर महंत) के साथ कबीर आश्रम शिवरीनारायण में रहने आई। पीड़िता का भाई रोज़गार के लिए गुजरात चला गया, जबकि पीड़िता आश्रम में ही रह गई। आरोपी दिलेश्वर महंत कई वर्षों से आश्रम में सेवा कार्य कर रहा था और वहीं पीड़िता को रोज़ाना भोजन परोसता था। आरोपी भोजन में नींद की गोली मिलाकर पीड़िता को खिलाता था। जब वह गहरी नींद में चली जाती, तब आरोपी उसके साथ अनाचार करता था।
4 जुलाई 2023 को पीड़िता ने भोजन नहीं किया और सीधे सो गई। रात में आरोपी उसके बिस्तर में घुस आया और हाथ-पांव पकड़ने लगा। पीड़िता जाग गई, जिसके बाद आरोपी अलग जाकर सो गया। अगले दिन पीड़िता अपने गाँव टुंड्रा चली गई। जुलाई माह में पीड़िता को पेट दर्द और मासिक धर्म बंद होने की समस्या हुई। भाई को बताने पर उसका प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया गया, जिसमें गर्भवती होने की पुष्टि हुई। पूछताछ में पीड़िता ने भाई को पूरी घटना बताई और कहा कि आरोपी नींद की दवा खिलाकर उसके साथ गलत काम करता था। भाई ने आरोपी से सामना किया, लेकिन आरोपी ने इंकार किया और बाद में आश्रम छोड़कर भाग गया।
पीड़िता ने शिवरीनारायण थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसपर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की। संपूर्ण विवेचना पूर्ण होने पर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए आरोपी दिलेश्वर महंत उर्फ निर्मलदास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 500 रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड नहीं भरने पर आरोपी को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है।
