कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: प्रदेश में पशु पालन विभाग पर अरबों के औषधि घोटाले का आरोप गंभीर रूप से सामने आया है। पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने विभागीय अधिकारियों पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए विभाग हरकत में आ गया है और संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने 6 सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया है। टीम को एक सप्ताह के भीतर तथ्यात्मक प्रतिवेदन के साथ अपनी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है।
ननकीराम कंवर ने आरोप लगाया है कि विभाग में औषधियों और वैक्सीन की खरीदी में अरबों रुपये का घोटाला हो चुका है। उनका कहना है कि विभाग द्वारा केवल 10 प्रतिशत खरीदी की जाती है, लेकिन भुगतान पूरे 100 प्रतिशत का किया जा रहा है। इसके चलते सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है।
पूर्व मंत्री ने यह भी दावा किया कि यह घोटाला पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल से लेकर अब तक लगातार जारी है। जिलों के उपसंचालकों के माध्यम से वैक्सीन, औषधि और सप्लीमेंट की खरीदी नियमों को ताक पर रखकर की गई है। कंवर का आरोप है कि डीलरों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से यह धांधली लंबे समय से चल रही है।
उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि विभाग में फर्जी बिलों के जरिये करोड़ों रुपये की राशि डीलरों और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है, जिससे पशुपालकों तक गुणवत्तापूर्ण औषधि और वैक्सीन भी नहीं पहुंच पा रही है।
पूर्व मंत्री कंवर ने मांग की है कि भविष्य में दवाइयों और वैक्सीन की खरीदी सीधे निर्माता कंपनियों से निविदा प्रक्रिया के तहत की जाए, ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके और गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध हो सकें।
फिलहाल विभाग ने जांच शुरू कर दी है। संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने जांच टीम को 7 दिन का समय दिया है। अब देखना यह होगा कि रिपोर्ट आने के बाद इस कथित अरबों के घोटाले में कौन-कौन जिम्मेदार ठहराए जाते हैं और क्या कार्रवाई आगे होती है।
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