कोरबा: मानिकपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत दादर से लगे डिपरापारा मुख्य मार्ग पर नगर निगम और राजस्व विभाग ने संयुक्त कार्रवाई कर सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जों को हटाया। कार्रवाई में 10 मकानों पर बुलडोजर चला, जबकि 9 कब्जाधारियों को दो दिन का समय दिया गया है। इस दौरान मौके पर हंगामा भी हुआ, लेकिन प्रशासन की सख्ती से आखिरकार जमीन कब्जामुक्त कराई गई।
जानकारी के अनुसार, जमीन दलालों ने करीब 3 एकड़ शासकीय भूमि को रजिस्ट्री की बताकर कई लोगों को बेच डाला। शिकायत कलेक्टर तक पहुंचने के बाद एसडीएम के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। आरोप है कि लक्ष्मण लहरे, सीताराम चौहान और राजू सिमोन ने करीब 1 एकड़ भूमि के प्लॉट काटकर 50 रुपये के स्टांप पर करोड़ों में बेच डाले। शिकायत के आधार पर नगर निगम प्रशासन ने कब्जाधारियों को नोटिस दिया था। निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद शनिवार को निगम-राजस्व विभाग की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। सुबह 10 बजे शुरू हुई कार्रवाई के दौरान कब्जाधारियों ने विरोध भी किया, लेकिन अंततः प्रशासन ने मकान तोड़ दिए।
कब्जाधारियों का कहना है कि जमीन बेचने वालों ने उन्हें यह भरोसा दिलाया था कि यह रजिस्ट्री की जमीन है और उनका मकान कभी नहीं टूटेगा। लेकिन जब कार्रवाई शुरू हुई और मकान ढहाए जाने लगे तो खरीदार दलालों से संपर्क करने पहुंचे, मगर वे फरार हो चुके थे। पीड़ितों का कहना है कि उनकी जीवनभर की कमाई लुट गई है, अब वे कानूनी कार्रवाई करेंगे।
कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार, पटवारी, नगर निगम तोडू दस्ते की टीम, जोन प्रभारी और भारी पुलिस बल तैनात रहा। निगम तोडू दस्ता प्रभारी विमल सिंह गोयल ने बताया कि कब्जाधारियों को पहले ही नोटिस दिया गया था, बावजूद इसके कब्जा नहीं हटाया गया, इसलिए यह कार्रवाई करनी पड़ी।
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