कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: जिला अपनी जैव-विविधता और दुर्लभ जीव-जंतुओं के लिए पहचाना जाता है। यहां समय-समय पर ऐसे वन्यजीव सामने आ जाते हैं जिन्हें देखकर ग्रामीण हैरान रह जाते हैं। इसी कड़ी में बीते दिन कोरबा जिले के मदनपुर गांव में एक विशालकाय किंग कोबरा दिखाई देने से हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक स्थानीय निवासी अजय कुमार सिंदर के घर की दीवार फांदकर करीब 15 फीट लंबा किंग कोबरा अंदर आ गया। अचानक इतने बड़े विषधर को देखकर घर के सदस्य घबरा गए और आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। देखते ही देखते पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम को दी गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी ने मामले की जानकारी डीएफओ श्री कुमार निशांत को दी। उनके निर्देश और एसडीओ आशीष खेलवार के मार्गदर्शन में जितेंद्र सारथी अपनी टीम के साथ तुरंत उस स्थान के लिए रवाना हुए। गांव पहुंचने के बाद सबसे पहले ग्रामीणों को सुरक्षित वहां से पॉपदूर किया गया और फिर तय प्रोटोकॉल के तहत रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
करीब एक से डेढ़ घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में किंग कोबरा ने बार-बार फुफकार कर अपना रौद्र रूप दिखाया। सांप के इस व्यवहार को देख ग्रामीणों की सांसें थम गईं। हालांकि धैर्यपूर्वक और सावधानी से काम करते हुए आखिरकार टीम ने किंग कोबरा को सुरक्षित थैले में डालने में सफलता प्राप्त की। सफल रेस्क्यू के बाद गांव और घर के लोगों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू के बाद नियमानुसार पंचनामा तैयार किया गया और फिर किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। इस पूरे अभियान में पासरखेत वन परिक्षेत्र अधिकारी देवदत्त खांडे, साकेत कुमार कौशिक, सिद्धांत जैन, बबलू मारुवा, कैलाश राठिया, संतोष कुमार यादव, खगेश यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
डीएफओ कुमार निशांत ने आम जनों से अपिल किया है की किंग कोबरा, जिसे स्थानीय भाषा में पहाड़ चित्ती भी कहा जाता है, वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम-1972 के अनुसार वर्ग- I में रखा गया है अर्थात् इस जीव को छेड़ने, मारने या किसी भी तरह से नुकसान पहुँचाना अपराध कि श्रेणी में आता है, अतः जब भी आप के घरों के आस पास किंग कोबरा या अन्य कोई सांप दिखाई दे तो वन विभाग को सूचना दे या टोल फ्री नंबर 8817534455 पर सूचना दे।
दुनिया का सबसे लंबा विषधर सांप है। इसकी लंबाई 20 फीट तक या इससे भी ज़्यादा हो सकती है। यह अन्य सांपों को खाकर जीवित रहता और उनकी जनसंख्या नियंत्रित करता है और विश्व का एकमात्र सांप है जिसकी मादा अपने अंडों के लिए पत्तो का घोंसला बनाती है और लगभग 3 माह तक उस घोंसले की रक्षा करती है। यह विशेषता इसके मातृत्व की अनोखी प्रवृत्ति को दर्शाती है।
विशेषज्ञों का कहना हैं की किंग कोबरा बिना वजह मनुष्य पर हमला नहीं करता, केवल खतरा महसूस होने पर आक्रामक हो जाता है। यही कारण है कि ऐसे मामलों में लोगों को सांप को मारने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। कोरबा जिले में वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी लगातार जनजागरूकता और रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से यह संदेश दे रहे हैं कि इंसान और सांप का सह-अस्तित्व ही संरक्षण की दिशा में सबसे बड़ी पहल है।
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