कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: जिले में एक बार फिर से श्वेता हॉस्पिटल रिस्दी विवादों में घिर गया है। ग्राम बेदरकोना निवासी पुनिराम कुर्रे ने अपनी पत्नी की मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन व डॉ. मनियारो कुज़र को जिम्मेदार ठहराते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि उसकी पत्नी की मौत इलाज में लापरवाही और जिम्मेदार डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण हुई है।
प्रसव के दौरान बिगड़ी तबियत, पत्नी की मौत
शिकायतकर्ता पुनिराम कुर्रे के मुताबिक, 02 जून 2022 को उसने अपनी पत्नी निर्मला कुर्रे को प्रसव के लिए श्वेता हॉस्पिटल रिस्दी में भर्ती कराया था। यहां डॉ. मनियारो कुज़र के देखरेख में ऑपरेशन हुआ और पुत्री का जन्म हुआ। लेकिन प्रसव के बाद अचानक पत्नी की तबियत बिगड़ गई। आरोप है कि उस वक्त न तो कोई जिम्मेदार डॉक्टर मौजूद था और न ही अनुभवी नर्स अस्पताल में उपलब्ध थी। परिजन कई बार डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश करते रहे, लेकिन कोई अनुभवी स्टाफ मदद के लिए नहीं आया। इस लापरवाही के चलते इलाज के दौरान ही निर्मला कुर्रे की मौत हो गई।

पुनिराम ने आरोप लगाया कि पत्नी की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में शव उसके हाथ में सौंप दिया। जब उसने पोस्टमार्टम कराने की इच्छा जाहिर की तो उसे डराया-धमकाया गया और शिकायत करने से रोका गया। डर के कारण उसने उस समय पुलिस या प्रशासन को कोई जानकारी नहीं दी।
पीड़ित ने बताया कि हाल ही में ग्राम गोढ़ी की अंजली सिंह की भी प्रसव के बाद मौत हुई, जिसके विरोध में कार्रवाई की गई। इस मामले से हिम्मत पाकर उसने भी अपनी पत्नी की मौत की शिकायत पुलिस प्रशासन से की है। पुनिराम ने कहा कि मेरी 3 साल की बच्ची से मां का साया छिन गया और ऐसे कई बच्चों से मातृत्व की ममता छिनी गई है।
पीड़ित की प्रमुख मांगें:-
पुनिराम कुर्रे ने शासन-प्रशासन से निम्न कार्यवाही की मांग की है-
1. जिला चिकित्सालय कोरबा में पदस्थ डॉ. मनियारो कुज़र को तत्काल निलंबित किया जाए।
2. डॉ. कुज़र के खिलाफ स्व. निर्मला कुरें की मौत के लिए एफआईआर दर्ज की जाए।
3. श्वेता हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त कर अस्पताल को तत्काल बंद कराया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
पीड़ित का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद अन्य लोग भी श्वेता नर्सिंग होम के खिलाफ आगे आने लगे हैं। अब जिले का पूरा ध्यान इस बात पर है कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है।
