कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले में 24 दिसंबर 2022 को घटित एक दर्दनाक वारदात का फैसला अब सामने आ गया है। इस वारदात ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया था। दरअसल, एक युवक ने अपनी ही गर्लफ्रेंड से दुष्कर्म करने के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्या इतनी क्रूर थी कि युवक ने गर्लफ्रेंड के सीने पर पेचकस से 51 वार कर दिए थे। अब जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश जयदीप गर्ग की अदालत ने आरोपी बॉयफ्रेंड को आजीवन कारावास और 75 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
रिश्ते में आई दरार से रची हत्या की साजिश
गुजरात निवासी 30 वर्षीय सहबान खान जयपुर में किराए के मकान में रहता था और चिश्ती बस सर्विस में कंडक्टर का काम करता था। बस की आवाजाही के दौरान उसकी पहचान मदनपुर क्षेत्र में पढ़ाई कर रही 20 वर्षीय युवती से हुई। यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। आरोपी ने युवती से शादी का मन भी बना लिया था।
लेकिन समय के साथ युवती की बातचीत किसी अन्य युवक से शुरू हो गई। यह बात सहबान खान को नागवार गुज़री। उसने युवती को रोकने की कोशिश की और यहां तक कि युवती की मां को फोन कर धमकी तक दी कि बेटी को रोक लो, वरना दोनों को जान से मार दूंगा।
अहमदाबाद (गुजरात) से फ्लाइट लेकर पहुंचा कोरबा
घटना वाले दिन यानी 24 दिसंबर 2022 को आरोपी अहमदाबाद से फ्लाइट लेकर रायपुर आया और वहां से कोरबा पहुंचा। उसने होटल सलीम में ठहराव किया और मौके की तलाश करने लगा। उसी दिन वह युवती के घर पहुंचा। वहां दोनों के बीच जमकर विवाद हुआ। गुस्से में आरोपी ने पहले युवती से रेप किया और उसके बाद पेचकस से सीने पर 51 बार वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी फ्लाइट से वापस गुजरात भाग निकला।
भाई की शिकायत पर खुला राज
वारदात के समय घर पर कोई नहीं था। जब युवती का भाई घर पहुंचा तो उसने बहन को खून से लथपथ पाया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके से पुलिस ने खून से सने कपड़े, जूते, इयरफोन और कंडोम पैकेट जैसे अहम सबूत बरामद किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की भी मदद ली गई। करीब डेढ़ महीने की जांच के बाद पुलिस आरोपी को गुजरात से पकड़कर कोरबा लाई। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
कोर्ट का फैसला
अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी सहबान खान को भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 376 (दुष्कर्म), 302 (हत्या) और SC/ST एक्ट की धारा 3 (2) (W) के तहत दोषी पाया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 75 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे अतिरिक्त 18 माह का कारावास भुगतना होगा।
