CBI की बड़ी कार्रवाई: 9 करोड़ के मुआवजा फ्रॉड का खुलासा, जायसवाल भाइयों व SECL अधिकारियों पर सहित कई पर FIR दर्ज

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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:   SECL और राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों पर करोड़ों रुपये के मुआवजा घोटाले में मिलीभगत के आरोपों के बाद राजेश जायसवाल और खुशाल जायसवाल सहित कई अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ CBI ने मामला दर्ज किया है। CBI की टीम ने हाल ही में मलगांव और रलिया गांव पहुंचकर जांच को आगे बढ़ाया।

ACB-CBI को मिली शिकायतों की जांच में सामने आया कि कुछ आरोपी (जो भूमि स्वामित्व सत्यापन समितियों में शामिल थे) ने नियमों को दरकिनार कर सरकार को 9 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया।

खुशाल जायसवाल पर फर्जी मुआवजा हासिल करने का आरोप

शिकायतों की जांच में पता चला कि खुशाल जायसवाल ने सरकारी और दूसरों की जमीन पर बने घरों को अपनी और अपने परिजनों की संपत्ति बताते हुए 1.60 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुआवजा ले लिया।

मलगांव और अमगांव क्षेत्र में उन्होंने कथित रूप से 7 से अधिक बार मुआवजा प्राप्त किया, जबकि कई संपत्तियां योग्यताओं को पूरा नहीं करती थीं। कुल मिलाकर, जायसवाल पर 1.83 करोड़ रुपये से अधिक की राशि गलत तरीके से प्राप्त करने का आरोप है।

पात्रता के बिना बने घरों को भी मिला मुआवजा

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कुछ मामलों में बिना पात्रता की जांच किए, नोटिफिकेशन के बाद बने घरों को भी मुआवजा जारी कर दिया गया। SECL के नियमों के अनुसार, केवल 2004, 2009 और 2010 में जारी नोटिफिकेशन से पहले बनी संपत्तियां ही मुआवजे के लिए मान्य थीं।

IPC और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज

जायसवाल भाइयों, SECL के कुछ अज्ञात अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धारा 120बी (आपराधिक साजिश), धारा 420 (धोखाधड़ी) सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एजेंसी फिलहाल मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

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