कोरबा: नियंत्रक, विधिक मापविज्ञान, छत्तीसगढ़ ने कोरबा जिले में पदस्थ विधिक मापविज्ञान निरीक्षक कु. नेहा साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके द्वारा कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उल्लंघन के चलते की गई है।
लंबित रखे 82 आवेदन, 15 दिन की समय-सीमा का उल्लंघन
आदेश क्रमांक 687/स्थापना/वि.मा./2025 के अनुसार, निरीक्षक नेहा साहू द्वारा विभागीय पोर्टल पर दर्ज 82 आवेदन पत्रों का समय पर सत्यापन नहीं किया गया। इन आवेदनों को 19 दिन से लेकर 102 दिनों तक लंबित रखा गया, जबकि लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सत्यापन एवं मुद्रांकन सेवाओं के लिए 15 कार्य दिवस की समय-सीमा निर्धारित है।
विभाग के अनुसार, यह देरी सेवा वितरण की निर्धारित व्यवस्था का गंभीर उल्लंघन है और इससे आवेदकों की प्रक्रियाएँ अनावश्यक रूप से प्रभावित हुईं।
निलंबन आदेश यह दर्शाता है कि राज्य सरकार लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा का पालन न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के प्रति प्रतिबद्ध है।
