कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: जिले के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत भैसमा गांव के पहरीपारा में आबकारी विभाग की कार्रवाई उस समय विवाद में बदल गई, जब ग्रामीणों ने टीम पर हमला कर दिया। इस घटना में आबकारी विभाग के टीम प्रभारी को ग्रामीणों ने करीब ढाई घंटे तक बंधक बनाए रखा, जबकि मुखबिर और वाहन चालक के साथ मारपीट की गई।
जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग की टीम अधिकारी नारायण सिंह कंवर के नेतृत्व में गांव में कार्रवाई के लिए पहुंची थी। टीम में दो वर्दीधारी कर्मचारी, एक मुखबिर और वाहन चालक शामिल थे। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों से कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठी।
स्थिति बिगड़ने पर टीम ने गांव से निकलने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने अधिकारी नारायण सिंह कंवर को रोक लिया और उन्हें बंधक बना लिया। इसी दौरान मुखबिर पताड़ी निवासी प्रमोद देवांगन और स्कॉर्पियो वाहन के चालक के साथ जमकर मारपीट की गई। इतना ही नहीं, आबकारी विभाग के वाहन में भी तोड़फोड़ की गई।
टीम के अन्य सदस्य किसी तरह जान बचाकर मौके से निकलने में सफल रहे और तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। घटना की जानकारी 112 पर भी दी गई, लेकिन ग्रामीणों के भारी विरोध के चलते पुलिस वाहन को वापस लौटना पड़ा।
बाद में उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद टीम प्रभारी को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया। इसके बाद आबकारी विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी उरगा थाना पहुंचे और घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
घटना को लेकर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मुखबिर प्रमोद देवांगन केवल मुखबिरी ही नहीं, बल्कि अवैध वसूली भी करता है, जिससे गांव में आक्रोश था। इसी नाराजगी के चलते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
आबकारी अधिकारी आशा सिंह ने बताया कि घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने पुष्टि करते हुए कहा कि आबकारी विभाग की ओर से मारपीट की शिकायत दर्ज कराई जा रही है और शिकायत मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
