कोरबा में हाथियों की हलचल तेज, दंतैल झुंड में हुआ शामिल, ग्रामीणों में भय का माहौल

By Atul Yadav - Editor
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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  कोरबा जिले में हाथियों की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। कोरबा वन मंडल के करतला रेंज में पहुंचा दंतैल हाथी अब तीन हाथियों के झुंड में शामिल हो गया है। यह झुंड धीरे-धीरे सक्ती रेंज की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहीं दूसरी ओर कटघोरा वन मंडल के केंदई रेंज में एक अन्य दंतैल हाथी गांवों में घुसकर लगातार नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार यह वही दंतैल हाथी है, जिसने बीते तीन दिनों में कोरबा और कटघोरा क्षेत्र में तीन ग्रामीणों की मौत का कारण बना था। इसके बाद हाथी करतला रेंज पहुंचा था और बड़मार क्षेत्र में झुंड में शामिल होने की कोशिश कर रहा था। शुरुआती दिनों में अन्य हाथियों ने उसे स्वीकार नहीं किया, लेकिन अब वह झुंड का हिस्सा बन गया है।

कोरबा वन मंडल में वर्तमान में कुल 11 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। कुदमुरा रेंज के ग्राम गुरमा में एक मादा हाथी अपने बच्चों के साथ विचरण कर रही है। वहीं करतला रेंज के चिकनीपाली जंगल में 8 हाथियों का झुंड सक्रिय है। इसके अलावा केराकछार क्षेत्र में एक दंतैल हाथी अलग-अलग इलाकों में घूम रहा है। ग्राम संदरी और सेंद्रीपाली क्षेत्र में इस दंतैल हाथी ने गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया है और एक बाउंड्रीवॉल को भी तोड़ दिया। हाथी की आवाजाही से ग्रामीण भयभीत हैं और रात के समय सतर्कता बढ़ा दी गई है।

उधर कटघोरा वन मंडल में 53 से अधिक हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। केंदई रेंज में अकेले घूम रहे दंतैल हाथी ने ग्राम अमाटिकरा के मोहल्ले में त्रिभुवन रावत के मकान को नुकसान पहुंचाया। घटना के समय परिवार के लोग दूसरे कमरे में छिपकर जान बचाने को मजबूर हुए। इससे पहले भी यह हाथी फुलसर और कोरबी गांव में मकानों को क्षति पहुंचा चुका है।

कोरबा के एसडीओ एस.के. सोनी ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। उनके मूवमेंट के आधार पर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। वन विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में 24 घंटे गश्त कर रही हैं और लोगों को हाथियों के पास न जाने की हिदायत दी जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की वजह से रातभर जागना पड़ रहा है और शाम होते ही लोग अपने घरों में सिमटने को मजबूर हैं। वन विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को सुरक्षित रहने के उपाय बताए जा रहे हैं।

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