बाल संप्रेक्षण गृह से फिर फरार हुआ अपचारी बालक, सुरक्षा व्यवस्था पर पर उठे सवाल

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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  कोरबा जिले के कोहड़िया स्थित नवनिर्मित बाल संप्रेक्षण गृह से एक बार फिर सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। रविवार सुबह एक 17 वर्षीय अपचारी बालक ग्रिल के रास्ते फरार हो गया। हैरानी की बात यह है कि उसे महज नौ दिन पहले ही पड़ोसी जिला जांजगीर से चोरी के मामले में पकड़कर यहां दाखिल कराया गया था।

जानकारी के अनुसार जांजगीर जिले के वार्ड क्रमांक 19 निवासी उक्त नाबालिग को पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद 9 जनवरी को कोहड़िया स्थित बाल संप्रेक्षण गृह भेजा था। रविवार को वह अन्य अपचारी बालकों के साथ कमरे में मौजूद था, लेकिन शाम को जब गणना की गई तो एक बालक कम पाया गया। इसके बाद प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। कैमरों में अपचारी बालक रसोईघर की ओर जाते हुए दिखाई दिया। रसोई के आसपास लगे कैमरों की जांच करने पर वह ग्रिल के रास्ते बाहर निकलता नजर आया। घटना की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों और सीएसईबी पुलिस को दी गई। बालक की तलाश शुरू की गई, लेकिन दूसरे दिन तक भी उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।

बताया जा रहा है कि फरार बालक इससे पहले भी तीन अन्य साथियों के साथ संप्रेक्षण गृह से भाग चुका है। इस घटना ने एक बार फिर संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि खनिज न्यास मद से वर्षों पहले कोहड़िया में बाल संप्रेक्षण गृह का निर्माण कराया गया था, लेकिन करीब 500 मीटर सड़क के अभाव में लंबे समय तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका। इस दौरान शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में किराए के भवनों में संप्रेक्षण गृह संचालित होता रहा, जहां से अपचारी बालकों के फरार होने की घटनाएं लगातार सामने आती रहीं।

बाल संप्रेक्षण गृह से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जवाबदेह अधिकारी हरकत में आए और अगस्त 2025 में संप्रेक्षण गृह को कोहड़िया स्थित नवनिर्मित भवन में शिफ्ट किया गया। हालांकि नए भवन की मजबूती पर भी अब सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि अपचारी बालक खिड़की, रोशनदान और ग्रिल में लगे सरियों को आसानी से हटाकर फरार हो जा रहे हैं। लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।

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