‘लव ट्रैप’ विवाद में महिला DSP सस्पेंड, करोड़ों की वसूली और गोपनीय जानकारी लीक का आरोप
रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन ने डीएसपी कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कारोबारी दीपक टंडन द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की प्राथमिक जांच के बाद की गई है। शिकायत में डीएसपी पर कथित रूप से ‘लव ट्रैप’ में फंसाकर करोड़ों रुपए की वसूली और पुलिस विभाग से जुड़ी गोपनीय जानकारियां साझा करने के आरोप लगाए गए थे।
सरकार का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर प्रकृति का पाया गया, जिसके बाद निलंबन का निर्णय लिया गया। निलंबन अवधि के दौरान डीएसपी का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय अथवा शासन द्वारा निर्धारित स्थान रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
1400 पन्नों की जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी गई
करीब दो सप्ताह पहले इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट गृह विभाग को भेजी गई थी। एएसपी कीर्तन राठौर के नेतृत्व में गठित टीम ने 30 दिनों तक जांच कर लगभग 1,400 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डीएसपी ने कारोबारी से न सिर्फ बड़ी रकम और महंगे उपहार लिए, बल्कि वॉट्सऐप चैट के जरिए विभागीय खुफिया सूचनाएं भी साझा कीं।
वॉट्सऐप चैट में खुफिया जानकारी साझा करने का दावा
जांच रिपोर्ट में डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच हुई कथित वॉट्सऐप बातचीत का जिक्र है। इनमें नक्सल गतिविधियों, सुरक्षा बलों की तैनाती और ऑपरेशनल इनपुट साझा किए जाने के संकेत मिलने का दावा किया गया है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की जानकारी का लीक होना राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जाता है।
2.5 करोड़ की वसूली का आरोप
कारोबारी दीपक टंडन का आरोप है कि वर्ष 2021 से डीएसपी ने कथित तौर पर ‘लव ट्रैप’ के जरिए उससे करीब 2.5 करोड़ रुपए की वसूली की। इसमें लगभग 2 करोड़ रुपए नकद, एक लग्जरी कार, 12 लाख रुपए की डायमंड रिंग, 5 लाख रुपए के सोने के गहने और अन्य महंगे उपहार शामिल बताए गए हैं।
टंडन का यह भी कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कार और गहने अब तक वापस नहीं किए गए हैं, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
होटल खोलने के नाम पर रुपए लेने का भी आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि डीएसपी ने अपने भाई के नाम पर होटल खोलने के बहाने कारोबारी से पैसे लिए। टंडन ने इस बिंदु पर अलग से विस्तृत जांच की मांग की है। उसका दावा है कि जांच होने पर बैंक ट्रांजेक्शन, संपत्ति और अन्य वित्तीय दस्तावेजों से कई अहम जानकारियां सामने आएंगी।
DSP ने आरोपों को बताया साजिश
वहीं, डीएसपी कल्पना वर्मा ने मीडिया से बातचीत में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा, बेबुनियाद और साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा है कि वे जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग करेंगी और सच्चाई जल्द सामने आएगी।
