कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: शहर के एक बालिका गृह में पली-बढ़ी बिंदु ने 25 फरवरी को हिंदू रीति-रिवाजों के साथ वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। उनका विवाह छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के कर्मचारी अनिल के साथ संपन्न हुआ। अग्नि के फेरे लेकर दोनों ने दांपत्य जीवन में प्रवेश किया।
विवाह से पूर्व सगाई और मेहंदी की रस्में भी उत्साहपूर्वक निभाई गईं। आशीर्वाद समारोह में समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और नवदंपति को शुभकामनाएं दीं।
बालिका गृह की संचालिका रुक्मणी नायर ने बताया कि केंद्र में कोरबा, चांपा, जांजगीर और सक्ती जिलों से शोषित एवं प्रताड़ित बालिकाएं आश्रय पाती हैं। यहां उन्हें 18 वर्ष की आयु तक आवास, भोजन और शिक्षा की सुविधा प्रदान की जाती है। वर्तमान में गृह में 50 बालिकाएं रह रही हैं। बालिग होने पर उनकी इच्छा के अनुसार विवाह, रोजगार या वैधानिक संरक्षण की व्यवस्था की जाती है।
बिंदु इस केंद्र से विवाह करने वाली छठी बालिका हैं। वहीं, इसी गृह में रह चुकी भारती ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद वह अपनी दो बहनों के साथ यहीं पली-बढ़ीं। 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उनका विवाह हुआ, एक बहन नौकरी कर रही है और सबसे छोटी बहन अभी भी गृह में रहकर पढ़ाई कर रही है।
अनिल, जो कंपनी में स्थायी कर्मचारी हैं, ने स्वयं बिंदु को जीवनसाथी के रूप में चुना। उनके माता-पिता का भी निधन हो चुका है और वे अपने रिश्तेदारों के साथ रहते हैं। उन्होंने एक अनाथ बालिका से विवाह कर पारिवारिक जीवन बसाने की इच्छा जताई थी।
विशेष बात यह रही कि यह विवाह पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त रखा गया। समारोह में किसी भी प्रकार की प्लास्टिक सामग्री का उपयोग नहीं किया गया, जिससे समाज को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।