कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले में कोयले की हेराफेरी और प्रदेश में सामने आ रहे अफीम की खेती के मामलों को लेकर विरोध तेज हो गया है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दोनों मामलों में उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
संगठन के प्रदेशाध्यक्ष दिलीप मिरी के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम के तहत प्रदेश संगठन मंत्री उमाँगोपाल और जिला संयोजक अतुल दास महंत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट के बाहर नारेबाजी कर विरोध जताया। बाद में डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज को कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री उमाँगोपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी और संसाधनों की रक्षा के लिए संगठन लगातार आवाज उठा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसईसीएल की कुसमुंडा खदान में बड़े स्तर पर कोयला घोटाला हुआ है और प्रदेश के खनिज संसाधनों की लूट की जा रही है। साथ ही प्रदेश में लगातार सामने आ रही अफीम की खेती समाज और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है।
जिला संयोजक अतुल दास महंत ने कहा कि कुसमुंडा खदान में करीब 70 लाख टन कोयले की हेराफेरी का मामला सामने आया है, जिसकी कीमत लगभग 2100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ऐसे मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान और संसाधनों की रक्षा के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
संगठन ने दोनों मामलों में सीबीआई जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष एलएक्स टोप्पो, जितेंद्र साहू, सचिव विनोद सारथी, उप सचिव बसंत महंत, संगठन मंत्री राजेश साहू, कन्हैया सुंदर, भू-विस्थापित अशोक पटेल और खंड प्रभारी गोविंद सारथी सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।