कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: कोरबा जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से 7.40 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। दो लोगों ने फर्जी फर्म बनाकर पंचायत विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और रकम ऐंठ ली। पीड़ित ने मामले की शिकायत एसपी से की है।
जानकारी के अनुसार कोरबा निवासी योगेश कुमार की पहचान पुरुषोत्तम कश्यप से हुई थी। पुरुषोत्तम कश्यप बांकीमोंगरा स्थित अपने घर से ‘निखिलम एसोसिएशन सोसायटी’ नाम से एक फर्म का संचालन कर रहा था, जहां वह खुद को सचिव बताता था। वहीं इस फर्म का मुख्य कार्यालय रायपुर के रायपुरा स्थित डीडब्ल्यू इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में बताया गया, जिसका संचालन पंकज बरेठ करता था।
पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसे पंचायती राज विभाग के अंतर्गत नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद 15 जनवरी 2019 को बांकीमोंगरा स्थित कार्यालय में पुरुषोत्तम कश्यप और पंकज बरेठ को 3.50 लाख रुपये नकद दिए गए। इस दौरान पैसे लेते हुए वीडियो भी बनाया गया था।
इसके बाद 24 जनवरी 2019 को दोनों आरोपी योगेश के घर पहुंचे और 3.90 लाख रुपये और ले लिए। इस तरह कुल 7.40 लाख रुपये आरोपियों ने ले लिए। रकम लेने के बाद आरोपियों ने फर्म के लेटरहेड पर 19 दिसंबर 2018 की तारीख का ‘डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर, जिला कोरबा’ पद का नियुक्ति पत्र 29 जनवरी 2019 को उसे दे दिया और दो-तीन महीने इंतजार करने को कहा।
पीड़ित का आरोप है कि बाद में उससे जांजगीर-चांपा जिले की पंचायतों में दवा छिड़काव का काम करीब आठ महीने तक कराया गया, लेकिन इसके बदले उसे मात्र 10 हजार रुपये ही दिए गए।
योगेश कुमार ने बताया कि अब दोनों आरोपी फरार हैं। उनके मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं और उनके घर व दफ्तरों में ताला लगा हुआ है। पीड़ित को आशंका है कि दोनों ने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह ठगी की हो सकती है। मामले की शिकायत कोरबा एसपी से की गई है।