जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: अमित जोगी को उम्रकैद की सजा

By Atul Yadav - Editor
2 Min Read

जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: अमित जोगी को उम्रकैद की सजा

बिलासपुर/सीजी एनएन 24 न्यूज:   बिलासपुर से एक बड़े और चर्चित मामले में अहम फैसला सामने आया है। साल 2003 के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने CBI की अपील स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के 2007 के फैसले को पलट दिया। अदालत ने अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी माना है। कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास के साथ 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।


हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि एक ही गवाही के आधार पर कुछ आरोपियों को सजा देना और मुख्य साजिशकर्ता को बरी करना कानूनन गलत है। इसी आधार पर निचली अदालत के निर्णय को असंगत बताते हुए निरस्त कर दिया गया।


2003 में हुई थी हत्या
4 जून 2003 को NCP नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 31 आरोपी बनाए गए थे। बाद में दो आरोपी सरकारी गवाह बन गए, जबकि अन्य को सजा हुई थी।

हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। इसके खिलाफ जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिसके बाद मामला दोबारा खुला और हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।

रामावतार जग्गी कारोबारी पृष्ठभूमि से थे और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे। शुक्ल के NCP में शामिल होने के बाद जग्गी भी पार्टी में गए और उन्हें छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बनाया गया था।

Share This Article