कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: शहर के व्यस्त निहारिका क्षेत्र स्थित न्यू दिल्ली स्वीट्स का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में संस्थान के कर्मचारी टॉयलेट के अंदर फर्श पर बैठकर बर्तन धोते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामला खाद्य सुरक्षा विभाग तक पहुंचा, जिसके बाद विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर संस्थान का निरीक्षण किया।
बताया जा रहा है कि एक ग्राहक ने बर्तन धोने का यह दृश्य अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद जब ग्राहक ने कर्मचारियों से इस बारे में सवाल किया तो कर्मचारियों ने पानी की समस्या का हवाला दिया। उनका कहना था कि तकनीकी परेशानी के कारण पानी उपलब्ध नहीं था, इसलिए आपात स्थिति में कुकर और अन्य बर्तन टॉयलेट में धोए जा रहे थे।
हालांकि टॉयलेट में बर्तन धोने की तस्वीर सामने आने के बाद स्वच्छता व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे। लोगों का कहना है कि खाद्य संस्थान में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की सफाई टॉयलेट जैसी जगह पर किया जाना खाद्य स्वच्छता के लिहाज से बेहद गंभीर मामला है।
वीडियो सामने आने पर खाद्य विभाग की टीम पहुंची
मामला संज्ञान में आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी संघर्ष कुमार मिश्रा अपनी टीम के साथ न्यू दिल्ली स्वीट्स पहुंचे और संस्थान का निरीक्षण किया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक, विभाग के संज्ञान में एक वीडियो आया था, जिसमें टॉयलेट के अंदर बर्तन धोते हुए कर्मचारी दिखाई दे रहे थे। निरीक्षण के दौरान संस्थान के संचालकों ने बताया कि संबंधित दिन पानी की आपूर्ति नहीं हो रही थी, जिसके चलते वर्कर्स के कुकर आदि टॉयलेट में धोए जा रहे थे।
अधिकारी ने बताया कि संस्थान के पास ट्रेडिंग लाइसेंस है। यहां अन्नकूट, इडली, डोसा समेत अन्य खाद्य पदार्थ तैयार कर ग्राहकों को बेचे जाते हैं।
‘टॉयलेट में बर्तन धोना पूरी तरह अनहाइजीनिक’
खाद्य सुरक्षा अधिकारी संघर्ष कुमार मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि वर्कर्स के बर्तन हों या ग्राहकों के लिए इस्तेमाल होने वाले बर्तन, टॉयलेट जैसी जगह पर उन्हें धोना पूरी तरह अनहाइजीनिक है। उन्होंने इसे खाद्य सुरक्षा नियमों के लिहाज से उल्लंघन बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में यह आशंका पैदा होना स्वाभाविक है कि कहीं ग्राहकों को परोसे जाने वाले बर्तन भी इसी जगह पर तो नहीं धोए जा रहे थे। इससे खाद्य स्वच्छता के साथ-साथ ग्राहकों के स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा होती है।
2-3 दिन में सुधार नहीं तो लाइसेंस पर कार्रवाई
निरीक्षण के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने संस्थान को वॉश एरिया को टॉयलेट से पूरी तरह अलग करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संचालक को सुधार सूचना (Improvement Notice) भी जारी की गई है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि संस्थान को व्यवस्था में सुधार के लिए 2 से 3 दिनों का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि में सुधार नहीं होने पर लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की जा सकती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा है कि खाद्य पदार्थों की तैयारी और बर्तनों की सफाई में स्वच्छता मानकों का पालन अनिवार्य है और खाद्य सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
