दिशा परियोजना से मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगी जेईई-नीट की निःशुल्क आवासीय कोचिंग, पढ़ाई का खर्च भी उठाएगा जिला प्रशासन

By Atul Yadav - Editor
5 Min Read

कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  कोरबा जिले के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने जिला प्रशासन द्वारा दिशा परियोजना संचालित की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत कक्षा दसवीं की वर्ष 2026 की परीक्षा की मेधा सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 150 विद्यार्थियों को संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एवं राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी के लिए निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना के तहत प्रशिक्षण, आवास और अध्ययन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी देने के लिए कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में चयनित विद्यार्थियों एवं उनके पालकों की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने विद्यार्थियों और पालकों को दिशा परियोजना के उद्देश्य, प्रशिक्षण कार्यक्रम, शिक्षण व्यवस्था, आवासीय सुविधाओं तथा आगे की पढ़ाई से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर सकें।

नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से मिलेगी सफलता

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने विद्यार्थियों को जेईई, नीट और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रवेश की प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना, नियमित अध्ययन करना, समय का सदुपयोग करना और कठिन विषयों का लगातार अभ्यास करना आवश्यक है।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी पढ़ाई के प्रति गंभीर रहें और प्रतिदिन बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करें। मेहनत, धैर्य, आत्मविश्वास और अनुशासित दिनचर्या के माध्यम से विद्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने पालकों से भी बच्चों की तैयारी में सक्रिय सहयोग देने और उन्हें पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की अपील की।

पात्र विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई का खर्च उठाएगा जिला प्रशासन

कलेक्टर ने बताया कि जिले में विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से भी राशि उपलब्ध कराई गई है। दिशा परियोजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों में ऐसे विद्यार्थी, जिनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम है अथवा जो गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से आते हैं, उनके जेईई, नीट सहित संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होने पर प्रशिक्षण एवं आगे की पढ़ाई का पूरा खर्च जिला प्रशासन द्वारा वहन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन पात्र विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान कर रहा है, ताकि वे आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर अपनी पढ़ाई और भविष्य निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने पालकों को आश्वस्त किया कि पात्रता के निर्धारित मापदंडों के अनुसार विद्यार्थियों की आगे की शिक्षा में आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।

विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का किया समाधान

बैठक के दौरान विद्यार्थियों को अपनी शंकाएं और जिज्ञासाएं रखने का अवसर भी दिया गया। विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अध्ययन की दिनचर्या और उच्च शिक्षा से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। कलेक्टर ने उनके प्रश्नों के सरल एवं विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए आत्मविश्वास के साथ तैयारी जारी रखने के लिए प्रेरित किया।

इस संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों और पालकों को प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यवस्थाओं तथा भविष्य की शैक्षणिक संभावनाओं के बारे में जानकारी मिली। जिला प्रशासन की इस पहल से जिले के मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

अधिकारियों ने भी किया मार्गदर्शन

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षक, चयनित विद्यार्थी एवं उनके पालक उपस्थित रहे।

Share This Article