कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज: छत्तीसगढ़ में चर्चित शराब, कोल लेवी और मेडिकल घोटालों की जांच के बीच राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने 30 अक्टूबर को एक साथ छह जिलों में दबिश देकर जांच का दायरा बढ़ा दिया है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, कोरबा और गरियाबंद में कुल 16 ठिकानों पर तलाशी ली गई। इस कार्रवाई के बाद कोरबा जिले के कटघोरा में सबसे ज्यादा हलचल देखने को मिली, जहां EOW की टीम नगर सैनिक दिलीप केंवट को अपने साथ ले गई।
कटघोरा में दिलीप केंवट को लेकर बढ़ी चर्चा, DMF कनेक्शन की पड़ताल
कटघोरा में EOW की कार्रवाई के बाद नगर सैनिक दिलीप केंवट का नाम चर्चा के केंद्र में है। सूत्रों के मुताबिक, जांच की एक कड़ी DMF (जिला खनिज न्यास) की राशि से पंचायतों में कंबल वितरण के लिए किए गए करोड़ों रुपये के भुगतान से जुड़ती बताई जा रही है। आरोप है कि तत्कालीन सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के कार्यकाल में एक फर्म के माध्यम से पंचायतों तक कंबल पहुंचाने के नाम पर बड़ी रकम खर्च की गई थी।
बताया जा रहा है कि इस पूरे लेन-देन में कुछ अन्य लोगों के साथ दिलीप केंवट की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। वह कटघोरा SDM कार्यालय में पदस्थ नगर सैनिक है और SDM वाहन चालक के रूप में भी कार्यरत बताया जाता है।
सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि कुछ बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेन-देन की जानकारी जांच एजेंसी को मिली है। हालांकि, इन लेन-देन में दिलीप केंवट की वास्तविक भूमिका, कथित लाभ और अन्य संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
EOW की टीम उसे अपने साथ ले गई है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि उसकी भूमिका किस स्तर तक थी और DMF से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन में किन लोगों की भूमिका रही।
छह जिलों में तीन बड़े घोटालों की जांच तेज
EOW की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 30 अक्टूबर को तीन अलग-अलग प्रकरणों में कुल 16 स्थानों पर तलाशी ली गई।
शराब घोटाला: अपराध क्रमांक 04/2024 के तहत रायपुर और राजनांदगांव में छह ठिकानों पर तलाशी ली गई। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत जांच जारी है।
कोल लेवी घोटाला: अपराध क्रमांक 03/2024 के तहत कोरबा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग में छह स्थानों पर कार्रवाई की गई। जांच एजेंसी अवैध वसूली, वित्तीय लेन-देन और कथित आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
मेडिकल घोटाला: अपराध क्रमांक 05/2025 के तहत रायपुर और गरियाबंद में चार स्थानों पर तलाशी ली गई। इस प्रकरण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
दस्तावेज, संपत्ति की रजिस्ट्री और डिजिटल उपकरण जब्त
EOW के मुताबिक तलाशी के दौरान वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, संपत्तियों की रजिस्ट्री, डिजिटल उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं। इन सामग्रियों का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। एजेंसी का मानना है कि नए साक्ष्यों से पहले से सामने आई कड़ियों को और मजबूती मिल सकती है।
अब जांच के अगले चरण पर टिकी निगाहें
छह जिलों में एक साथ हुई कार्रवाई ने प्रदेश के बहुचर्चित आर्थिक घोटालों की जांच को नया मोड़ दे दिया है। खासकर कटघोरा में नगर सैनिक दिलीप केंवट को साथ ले जाने के बाद DMF राशि से हुए कथित कंबल वितरण और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर सवाल तेज हो गए हैं।
फिलहाल EOW की ओर से दिलीप केंवट की भूमिका या उसके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। ऐसे में जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।
