कोरबा की सड़कों पर दौड़ेंगी 40 इलेक्ट्रिक बसें, शहर से पर्यटन स्थलों तक बनेगा नया सफर; दिसंबर से शुरुआत की तैयारी

By Atul Yadav - Editor
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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  अब कोरबा में सफर का दायरा केवल शहर की सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में शहर की कॉलोनियों से लेकर दूरस्थ उपनगरीय और ग्रामीण इलाकों तक सार्वजनिक परिवहन की नई सुविधा मिलने वाली है। केंद्र सरकार से स्वीकृत 40 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। नगर निगम दिसंबर 2026 से इस सेवा की शुरुआत करने की तैयारी में जुटा है। खास बात यह है कि इस योजना में केवल शहर की कनेक्टिविटी ही नहीं, बल्कि पर्यटन स्थलों और आसपास के गांवों को जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।

20 बड़ी और 20 छोटी बसों से बदलेगी परिवहन की तस्वीर

कोरबा के लिए स्वीकृत 40 ई-बसों में 20 बड़ी इलेक्ट्रिक बसें और 20 ई-मिनी बसें शामिल हैं। दोनों श्रेणियों की बसों को अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से रूट पर उतारा जाएगा। तैयार योजना के मुताबिक प्रतिदिन बसों का संचालन करीब 400 किलोमीटर तक होगा। एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद प्रत्येक बस लगभग 200 किलोमीटर तक चल सकेगी।

बड़ी बसों के जरिए शहर और उपनगरीय क्षेत्रों को जोड़ने की योजना है, जबकि छोटी बसें कॉलोनियों और कम चौड़ी सड़कों वाले इलाकों में पहुंचेंगी।

अब सतरेंगा, मड़वारानी और कोसगाई जाना होगा आसान

इस परिवहन योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू पर्यटन स्थलों को सार्वजनिक बस सेवा से जोड़ना है। सतरेंगा, मड़वारानी और कोसगाई जैसे प्रमुख स्थलों तक बसों का संचालन प्रस्तावित है। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी आवागमन का विकल्प मिलेगा।

सतरेंगा के आसपास के करीब 20 गांवों के लोगों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। अभी शहर तक पहुंचने के लिए निजी साधनों पर निर्भर रहने वाले ग्रामीणों को शिक्षा, इलाज और रोजगार के सिलसिले में आवागमन में सहूलियत मिल सकेगी। पर्यटन स्थलों तक नियमित परिवहन सुविधा पहुंचने से स्थानीय कारोबार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

कॉलोनियों की गलियों तक पहुंचेगी ई-मिनी बस

शहर के ऐसे इलाकों को भी योजना में शामिल किया गया है, जहां बड़ी बसों का संचालन आसान नहीं होता। इसके लिए 20 ई-मिनी बसें चलाई जाएंगी। रविशंकर शुक्ल नगर, आरपी नगर, एमपी नगर और टीपी नगर के आंतरिक मार्गों पर इनका संचालन प्रस्तावित है।

इसके अलावा बांकीमोंगरा, दीपका, बालको और हरदीबाजार जैसे उपनगरीय क्षेत्रों को भी परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। इससे विद्यार्थियों, बुजुर्गों और मरीजों को शहर के प्रमुख संस्थानों तक पहुंचने में सुविधा मिल सकेगी।

कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और रेलवे स्टेशन तक कनेक्टिविटी

बसों के संचालन के लिए प्रतीक्षा बस स्टेशन, पुराने बस स्टैंड और नए बस स्टैंड को प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। रूट चार्ट में पीएम स्कूल, पीजी कॉलेज, कमला नेहरू महाविद्यालय, मिनीमाता महाविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को प्राथमिकता दी गई है। इसका उद्देश्य शहर के शैक्षणिक, चिकित्सा और परिवहन केंद्रों तक सार्वजनिक बसों की पहुंच सुनिश्चित करना है।

चार्जिंग स्टेशन और वर्कशॉप का काम अंतिम चरण में

ई-बसों के संचालन के लिए दर्री स्थित प्रतीक्षा बस स्टैंड में करीब 1.54 करोड़ रुपये की लागत से चार्जिंग सब स्टेशन तैयार किया जा रहा है। इसका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। बसों के रखरखाव के लिए वर्कशॉप और प्रशासनिक भवन का निर्माण भी अंतिम चरण में बताया जा रहा है।

भविष्य में इसी चार्जिंग स्टेशन पर इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहनों को चार्ज करने की सुविधा विकसित करने की भी योजना है।

पुरानी 48 सिटी बसों की होगी नीलामी

नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के साथ शहर की पुरानी परिवहन व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा। कोरोना काल से पहले संचालित 48 सिटी बसों की नीलामी की तैयारी की जा रही है। इन पुरानी बसों को हटाकर नए ई-बस बेड़े के संचालन के लिए व्यवस्था बनाई जाएगी।

इलेक्ट्रिक बसों से डीजल पर निर्भरता और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। वहीं, बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने से निजी वाहनों के इस्तेमाल में भी कमी आ सकती है। बस संचालन और रखरखाव से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

कुल मिलाकर दिसंबर 2026 से प्रस्तावित यह सेवा शुरू होने पर कोरबा के परिवहन नेटवर्क में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 

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