कोरबा: जिलाध्यक्ष मिथलेश वर्मा निलंबित, 175 को नोटिस फिर भी अपनी मांगों पर अड़े रहे पटवारी; 20वें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी….

By Atul Yadav - Editor
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कोरबा/सीजी एनएन 24 न्यूज:  जिले में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। हड़ताल के 20 दिन बीतने के बाद भी पटवारी काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। इधर, प्रशासन की सख्ती और निलंबन जैसी कार्रवाई का भी आंदोलन पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। घंटाघर स्थित धरना स्थल पर पटवारी लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

13 अक्टूबर से जारी इस प्रदेशव्यापी आंदोलन के चलते कोरबा जिले में राजस्व विभाग के कई महत्वपूर्ण काम प्रभावित हो रहे हैं। जमीन से जुड़े प्रकरणों के निराकरण के साथ गिरदावरी का काम भी प्रभावित है। ऐसे में 15 नवंबर से प्रस्तावित धान खरीदी व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि किसानों के भूमि संबंधी रिकॉर्ड और गिरदावरी की जानकारी खरीदी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रशासन की कार्रवाई भी नहीं तोड़ पाई आंदोलन

हड़ताल समाप्त कराने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष मिथलेश वर्मा को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने शासकीय कार्यों में लापरवाही और कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने का हवाला देते हुए सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई की है।

जिले के 254 हल्कों में कुल 201 पटवारी पदस्थ हैं। इनमें आंदोलन में शामिल 175 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सोमवार को कार्यालयीन समय समाप्त होने तक न तो किसी पटवारी ने नोटिस का जवाब दिया और न ही काम पर वापसी की।

पटवारियों ने कहा- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद पटवारियों के तेवर नरम नहीं पड़े हैं। धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कार्रवाई को दमनात्मक बताते हुए साफ किया है कि वे इससे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

संघ के जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश प्रधान ने कहा कि पटवारी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। जिलाध्यक्ष का निलंबन पूरे संगठन को निशाना बनाने जैसा है।

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि पटवारियों की मांगों को अनदेखा कर आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक हड़ताल जारी रहेगी।

इन मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन

पटवारी संघ चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। इनमें पटवारी से राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करना और वर्ष 2017 के वेतन संशोधन के कारण उत्पन्न वेतन विसंगति को दूर करना प्रमुख है।

फिलहाल एक ओर प्रशासन हड़ताल समाप्त कराने के लिए कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पटवारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। ऐसे में आंदोलन का समाधान कब निकलेगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। 

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